
हाथरस-7 मार्च। जनपद के हसायन ब्लॉक अंतर्गत ग्राम नगला मया (महासिंहपुर) के एक किसान ने प्रशासनिक व्यवस्थाओं को लेकर फिर से आंदोलनकारी कदम उठाया है। आरोप है कि 25 बार लिखित शिकायत करने के बाद भी समाधान न होने से क्षुब्ध किसान चन्द्रपाल सिंह ने समाधान दिवस में जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर 17 मार्च से अनिश्चितकालीन धरने का ऐलान किया है।
उक्त किसान चंद्रपाल सिंह का कहना है कि अब कागजों पर नहीं, बल्कि कलेक्ट्रेट की जमीन पर बैठकर इंसाफ की लड़ाई लड़ी जाएगी।
किसान चन्द्रपाल सिंह का मामला राजस्व विभाग की बड़ी लापरवाही उजागर करता है। राजस्व रिकॉर्ड में जो चकरोड़ संख्या 124 किसानों के खेत तक जाने के लिए दर्ज है, उसे आज गाँव के गंदे पानी की निकासी का मुख्य मार्ग (नाला) बना दिया गया है। किसान का आरोप है कि चकरोड़ संख्या 114 पर तो इंटरलॉकिंग कार्य कराकर उसे सुधारा गया, लेकिन 124 नंबर चकरोड़ को जानबूझकर उपेक्षित छोड़ दिया गया, जिससे वहां पानी और कीचड़ जमा है। जिलाधिकारी को सौंपे गए ज्ञापन में किसान ने अपनी उन 14 मुख्य शिकायतों का पूरा ब्यौरा दिया है, जिन पर अधिकारियों ने आँखें मूंद रखी हैं। किसान ने कुल 14 सन्दर्भों का उल्लेख करते हुए बताया कि हर बार मुख्यमंत्री पोर्टल पर गलत रिपोर्ट लगाकर मामला बंद कर दिया गया।
बीमार शरीर लेकिन फौलादी इरादे चन्द्रपाल सिंह रीढ़ की हड्डी की गंभीर समस्या से ग्रसित हैं, जिसके कारण उन्हें झुकने और भारी काम करने में डॉक्टरी मनाही है। रास्ता बंद होने के कारण वे अपने खेत तक न तो ट्रैक्टर ले जा पा रहे हैं और न ही पैदल चल पा रहे हैं। किसान ने चेतावनी दी है कि 17 मार्च से शुरू होने वाले शांतिपूर्ण अनिश्चितकालीन धरने के दौरान यदि उनकी सेहत बिगड़ती है, तो इसका पूर्ण उत्तरदायित्व प्रशासन का होगा।









