
सादाबाद-6 मार्च। होली पर बिसावर में धहनावर का विशेष आयोजन किया जाता है। यह परंपरा अंग्रेजों के जमाने से चली आ रही है। धुलेंडी के दिन गाँव के लोग एकजुट होते है और बुजुर्ग बताते है कि अंग्रेजों के जमाने से कई पीढ़ियों से बिसावर में होली पर धहनावर के ढोलों की गूँज सुनाई देती है।
ये परम्परा होलिका दहन के बाद धुलेंडी के मौके पर पुरूषों की टोली गाँव की परिक्रमा करती है, जो माता रानी के मंदिरों से शुरू होती है और परिक्रमा के दौरान एक बड़े ढप पर छोटे छोटे डंडों से पीटकर आवाज निकाली जाती है और रसिया गायन का कार्यक्रम किया जाता हैं। इसे प्राचीन काल मे ढह धहनावर का नाम दिया गया था, जो आज भी गाँव की पहचान है। परिक्रमा के दौरान फूल, रंग, गुलाल की बारिश की जाती है तथा जगह जगह पर फूल वर्षा कर धहनावर का स्वागत किया जाता है। गाँव के बुर्जुग बताते कि कई पीढ़ियों से गांव में धहनावर निकाली जाती है।
इस मौके पर भाजपा नेता जगवेन्द्र चैधरी, रज्जो सोनी, हरिकेश चैधरी, योगेंद्र सिंह, रामबाबू पहलवान, सचिन पहलवान, कालू सिंह, भूरी सिंह, विष्णु चैधरी, गुड्डा चैधरी, नीरज, शिवम चैधरी, दिव्यांश चैधरी, अरविंद कुमार गोला, महेश, सुखवीर आदि मौजूद थे।











