चंद्र ग्रहण के चलते होलिका दहन को लेकर विद्धानों में अलग-अलग मत होलिका दहन 2 मार्च को सायं काल प्रदोष वेला में बताया

हाथरस होली के त्यौहार पर होली के रंग-बिरंगे रंगों के पर्व की तैयारी जहां जोरों से की जा रही है। वही होली पर होलिका दहन को लेकर आमजनों में दुविधा बनी हुई है। जबकि होलिका दहन को लेकर विद्वानों के बीच अलग-अलग मत हैं।
होलिका दहन के समय को लेकर स्थानीय विद्वानों की एक सभा शहर के आगरा रोड स्थित बगीची हनुमान वाटिका पर आयोजित की गई। जिसमें वर्ष के होलिका दहन को लेकर गहन विचार विमर्श किया गया। बैठक में विद्वानों का कहना है कि धर्म शास्त्रानुसार निर्णय सिंधु, धर्म सिंधु एवं चालीस से अधिक विविध पंचांगों के निर्देश आधार पर 2 मार्च सोमवार सायंकाल प्रदोष वेला में 6.17 से 8.21 तक होलिका दहन करना निश्चित किया गया। भद्रा का विचार भी धर्मसिन्धु ग्रंथ के आधार पर करते हुये सर्वसम्मति से प्रदोष वेला को ही सर्वोत्तम माना गया। सभा में पं. अखिलेश लवाँनिया, नमन कौशल्य, माधव भारद्वाज, पं. मदन मोहन शास्त्री, पं. विजयकुमार वेदपाठी, पं. भगवती पाठक, पं. शिवम शर्मा, प्रबल शर्मा, पं. गोपाल कौशिक सीटू , कृष्णा गोस्वामी, सौरभ शर्मा, पं. रामकुमार मिश्र, सरस जी महाराज, पं. जीतू शर्मा रूहेरी, पं.अजय शर्मा, गुल्लू पंडित, पं. सतीश तिवारी, पं. चन्द्रमोहन कौशिक, पं.सचिन शर्मा, पं. अंकित भारद्वाज, पं. आकाश कौशिक, प्रवीण वशिष्ठ, दिवाकर जी आदि विद्वान उपस्थित थे।

Dainik Lalsa
Author: Dainik Lalsa

Leave a Comment