जाको राखे साइयां मार सके न कोई —

जल्दबाजी में युवक स्टेशन पर खड़ी मालगाड़ी के नीचे से होकर निकलने का कर रहा था प्रयास

मालगाड़ी के नीचे फंसा युवक… ऊपर से गुजर गई पूरी मालगाड़ी , फिर भी बच गई जान

(अनूप शर्मा )

सिकंदराराऊ । जागो राखे साइयां मार सके न कोई । यह कहावत उस समय चरितार्थ हुई, जब शुक्रवार की सुबह एक युवक जल्दबाजी में स्थानीय रेलवे स्टेशन पर खड़ी मालगाड़ी के नीचे से निकलने का प्रयास करने लगा। इस दौरान अचानक स्टेशन पर खड़ी मालगाड़ी चलने लगी । जिससे युवक मालगाड़ी के नीचे फंस गया। पूरी मालगाड़ी युवक के ऊपर से होकर गुजर गई । युवक को कोई खरोच नहीं आई। स्टेशन पर खड़े हुए लोग इस दृश्य को देख हदप्रद रह गए।

बताया जाता है कि शुक्रवार की सुबह एक युवक को कासगंज जाने की जल्दबाजी थी । रेलवे स्टेशन पर दूसरे ट्रैक पर मालगाड़ी खड़ी थी । जल्दबाजी में एक युवक ने स्टेशन पर खड़ी मालगाड़ी के नीचे से निकलने का प्रयास किया। तभी अचानक मालगाड़ी को सिग्नल मिल गया। जिसके बाद मालगाड़ी चलने लगी । युवक मालगाड़ी के पहियों के बीच में था । इस दृश्य को देख प्लेटफॉर्म पर खड़े लोग जोर-जोर से चिल्लाने लगे — “लेट जा… लेट जा!” युवक ने सूझबूझ दिखाते हुए तुरंत पटरी के बीच पेट के बल लेटने का फैसला किया । कुछ ही सेकंड में पूरी मालगाड़ी युवक के ऊपर से गुजर गई । इस दौरान युवक को कोई खरोच तक नहीं आई। मालगाड़ी गुजरने के बाद युवक खुद उठकर खड़ा हो गया। वह बुरी तरह सहमा हुआ था । लेकिन उसे कोई चोट नहीं आई। मौके पर मौजूद लोगों ने राहत की सांस ली । कई लोग इसे युवक की “दूसरी जिंदगी” बताया। मामले को लेकर पूरे दिन लोगों के बीच चर्चाओं का बाजार गर्म रहा ।

चेतावनी —

रेलवे स्टेशनों पर साफ साफ लिखा रहता है कि
चलती या खड़ी ट्रेन के नीचे से निकलना मौत को दावत देना है। कुछ मिनट बचाने की जल्दबाजी जिंदगी भर का पछतावा बन सकती। बाबजूद इसके लोग जल्दीबाजी अपनी जिंदगी को दाव पर लगा देते है।

Dainik Lalsa
Author: Dainik Lalsa

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