
कलियुग में कष्ट निवारण औंषधि हैं शिव पूजन सबसे सरल और सबसे सुलभ पूजा हैं शिव की हैं जल से प्रसन्न होने वाले भगवान आशुतोष को उनके भक्तगण अनेक नामो से पुकारते हैं। इन्ही भोलनाथ को प्रसन्न करने के लिए महाशिवरात्रि पर्व पर कांबडिया कांबडों में गंगाजी से गंगाजल लाकर जलाभिषेक करेंगे। इसके लिए दो दिन से कांबडयात्रा शुरू हो चुकी है कांबडिया गंगाजल लेकर अपने-अपने गंतव्य को चल दिए हैं। वहीं जगह-जगह कांबडियो की सेवा के लिए शिविर लगाए गये हैं जहां भोजन से लेकर दवा आदि की सुविधायें उपलब्ध हैं।
केसरिया वस्त्रधारी शिवभक्तों के सैलाब को देखते हुए सासनी में भी सामाजिक संगठनों, व्यापार मंडलों और स्थानीय ग्रामीणों ने जगह-जगह सेवा शिविर और विशाल भंडारों का आयोजन किया है। राजमार्ग पर हनुमान चैकी, जैन पेट्रोल पंप और तहसील के पास विशाल पंडाल लगाए गए हैं। वहीं कस्बा में नगर पंचायत पर पर विशाल शिविर का अयोजन किया गया है। जिसमें कांवड़ियों के लिए विभिन्न व्यवस्थाएं की गई हैं। शिवभक्तों को शुद्ध पौष्टिक पकवान निरंतर वितरित की जा रही है। वहीं लंबी दूरी तय करने वाले कांवड़ियों के विश्राम के लिए गद्दे और कूलर की व्यवस्था भी की गई है। इसके अतिरिक्त, विभिन्न परेशानियों और थकान से जूझ रहे कांवड़ियों के लिए प्राथमिक चिकित्सा और मालिश आदि की सुविधा भी स्वयंसेवकों द्वारा दी रही है। स्थानीय युवाओं की टोलियां दिन-रात सेवा कार्यों में जुटी हैं, जो सेवा भाव का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत कर रही हैं। उधर बढ़ती भीड़ को देखते हुए पुलिस एवं प्रशासनिक अफसरान पूरी तरह मुस्तैद है। सुरक्षा के लिए जगह-जगह पुलिस बल तैनात किया गया है और सीसीटीवी कैमरों से निगरानी रखी जा रही है। यातायात को सुचारू बनाए रखने के लिए भारी वाहनों का रूट डायवर्जन भी किया गया है।









