शबे बरात के त्यौहार को सुकून और भाईचारे से मनायें-अब्बासी


हाथरस-2 फरवरी। शबे बरात की फाजिलियत अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम फरमाते हैं कि सावन मेरा महीना है और सावन सभी बारात की 15वीं सब की फजीलत यह है कि अल्लाह के रसूल ने फरमाया कि इस रात में अल्लाह ताला सारी दुआओं को कुबूल करता है और जहन्नुम की आग से आजाद कर देता है।
उक्त बातें ऑल इंडिया अब्बासी महासभा के प्रदेश उपाध्यक्ष रईस अहमद अब्बासी ने फरमाया है कि हर मुसलमान को शवे बारात पर नफिल नमाजे कुरान की तिलावत और इबादत करते हैं, लेकिन नफिल इबादतों के लिए तन्हाई और एकांत की जरूरत होती है। इसके जरिए इंसान अल्लाह पाक से नजदीकी हासिल करता है। इसलिए नफिल इबादत एकांत में अपने घर पर मस्जिद में अदा करें। यह मौका शोर शराबा, सड़कों पर हंगामा और मोटरसाइकिल पर घूमने, पटाखे व आतिशबाजी नहीं है। यह इस्लाम में मना फरमाया है। सभी शवे बारात के त्यौहार को बड़े ही सुकून और भाईचारे के साथ मनाएं।

Dainik Lalsa
Author: Dainik Lalsa

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