
हाथरस, 31 जनवरी। जिला टास्क फोर्स, प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना, राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत टीबी मुक्त भारत अभियान की प्रगति तथा जिला स्वास्थ्य समिति (शासी निकाय) की जनपद स्तरीय मासिक समीक्षा बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में करते हुए जिलाधिकारी अतुल वत्स ने संबंधित अधिकारियों को मरीजों को बेहतर एवं समयबद्ध स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने जिला टास्क फोर्स की समीक्षा करते हुए समस्त विभागीय अधिकारियों को आपसी समन्वय स्थापित कर पोलियो अभियान को प्रभावी रूप से संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जन्म से लेकर पांच वर्ष तक के सभी बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाना सुनिश्चित किया जाए, ताकि पांच वर्ष से कम आयु का कोई भी बच्चा खुराक से वंचित न रहे। इसके लिए अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए। उन्होंने ईंट-भट्टों, दूर-दराज क्षेत्रों, आंगनबाड़ी केंद्रों, प्रवासी परिवारों तथा मलिन बस्तियों में विशेष ध्यान देने को कहा। जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि आशा एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता घर-घर जाकर बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाना सुनिश्चित करें।
जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने ओ0पी0डी0, आई0पी0डी0, अल्ट्रासाउंड, एक्स-रे, पैथोलॉजी, जननी सुरक्षा योजना/भुगतान, एफ0आर0यू0, जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम, बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आर0बी0एस0के0), परिवार नियोजन, राष्ट्रीय अंधता एवं दृष्टिक्षीणता नियंत्रण कार्यक्रम, राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम, हेल्थ एण्ड वेलनेस सेंटर संचालन, एम्बुलेंस 108, नेशनल एम्बुलेंस सेवा 102, पी0पी0पी0 परियोजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत गोल्डन कार्ड निर्माण, नियमित टीकाकरण, जन्म-मृत्यु पंजीकरण, पी0सी0पी0एन0डी0टी0 आदि योजनाओं की प्रगति की समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
बैठक में जिलाधिकारी ने समस्त एम0ओ0आई0सी0 को निर्देशित किया कि अस्पताल में जन्मे बच्चों के जन्म प्रमाण पत्र तत्काल जारी किए जाएं। साथ ही मंत्रा ऐप के माध्यम से भर्ती मरीजों को डिस्चार्ज किए जाने के उपरांत तत्काल ऐप पर विवरण फीड/अपडेट करने के निर्देश दिए। उन्होंने ट्रॉमा सेंटर पर आने वाले मरीजों को बेहतर एवं समयबद्ध उपचार उपलब्ध कराने, आभा आईडी निर्माण कार्य को शत-प्रतिशत पूर्ण कराने तथा आशा डायरी तैयार कर समय-समय पर उसकी जांच/समीक्षा कराने के निर्देश दिए। इसके पश्चात जिलाधिकारी ने मीजल्स-रुबेला वैक्सीन/टीकाकरण से छूटे बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं को प्राथमिकता के आधार पर कवर करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने जिला स्तरीय अधिकारियों/एम0ओ0आई0सी0 से कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि गर्भवती महिलाओं का प्रसव सरकारी चिकित्सालयों में ही हो। गर्भवती महिलाओं के प्रथम चरण से लेकर प्रसव उपरांत तक दिए जाने वाले लाभों एवं भुगतान समय से कराने के निर्देश दिए। उन्होंने महिलाओं एवं किशोरियों में हीमोग्लोबिन की कमी दूर करने हेतु गर्भवती महिलाओं की हीमोग्लोबिन जांच, डाइट के प्रति जागरूकता तथा आवश्यकता अनुसार उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इसके लिए आशा एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के माध्यम से जागरूकता बढ़ाने को कहा। जिलाधिकारी ने 108 एवं 112 एंबुलेंस सेवाओं को निर्धारित समय में मरीज तक पहुंचाने के निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी स्थिति में मरीज को उपचार से वंचित नहीं किया जाए। उन्होंने कहा कि जनपद में संचालित स्वास्थ्य सेवाओं एवं योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु सभी अधिकारी दायित्वबोध के साथ कार्य करें। अच्छा कार्य करने वालों को प्रोत्साहित किया जाए तथा लापरवाही पर जिम्मेदारी तय कर आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।
जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि शासन की मंशा के अनुसार जनपद में टीबी मरीजों की पहचान, उपचार एवं पोषण सहायता समयबद्ध एवं प्रभावी ढंग से सुनिश्चित की जाए। सैंपल कलेक्शन कार्य को गुणवत्ता के साथ किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि टीबी उन्मूलन हेतु स्वास्थ्य विभाग के साथ-साथ आंगनबाड़ी, शिक्षा, नगर निकाय, ग्राम पंचायत एवं स्वयंसेवी संगठनों की सक्रिय भागीदारी अनिवार्य है। ग्रामीण एवं शहरी स्तर पर जन-जागरूकता के माध्यम से टीबी के लक्षण एवं उपचार संबंधी जानकारी आमजन तक पहुंचाई जाए, ताकि मरीजों की पहचान एवं उपचार में तेजी लाई जा सके।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी, मुख्य चिकित्साधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, जिला कार्यक्रम अधिकारी, सहायक जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी, एम0ओ0आई0सी0 सहित अन्य संबंधित अधिकारी/कर्मचारी उपस्थित रहे।









