
हाथरस। उ0प्र0 राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देशानुसार जनपद न्यायाधीश, विनय कुमार की अध्यक्षता में जनपद न्यायालय, हाथरस में चल रहे राष्ट्र हेतु विशेष मध्यस्थता अभियान-2.0 को सफल बनाये जाने के लिए समस्त न्यायिकगण के साथ बैठक सम्पन्न की गयी। जनपद न्यायाधीश द्वारा सभी न्यायिक अधिकारीगण को निर्देश दिये गये कि पक्षकारों को मध्यस्थता के लिए प्रेरित करें तथा विभिन्न प्रकार के वैवाहिक विवाद के मामले, दुर्घटना दावे के मामले, घरेलू हिंसा के मामले, चेक बाउंस के मामले, वाणिज्यिक विवाद के मामले, सेवा संबंधी मामले के मामले, शमनीय आपराधिक मामले, उपभोक्ता विवाद के मामले, ऋण वसूली के मामले, भूमि अधिग्रहण के मामले, संपत्ति के बंटवारे से सम्बन्धित मामले, बेदखली से सम्बन्धित मामले, अन्य उपयुक्त दीवानी प्रकरणों को अधिक से अधिक संख्या में समझौते के आधार पर निस्तारित कराने हेतु मध्यस्थता केन्द्र हाथरस को सन्दर्भित करें। जनपद न्यायाधीश द्वारा बताया गया कि माह जनवरी में अब तक 506 मामलों मध्यस्थता केन्द्र को सन्दर्भित किये गये है, जिनमें से 12 मामलों में मध्यस्थता सफल हो चुकी है। मध्यस्थता के माध्यम से मामलों के निपटारे में पक्षकारों के मध्य मधुरता तथा उनको त्वरित न्याय मिला। अपितु उनके धन व समय की बचत हुई।
सचिव, अनु चैधरी द्वारा बताया कि यह अभियान 01 जनवरी, 2026 से चलाया जा रहा है। आमजन से, वादकारियों एवं विधि व्यवसायियों से यह अपील है कि वे अपने-अपने प्रार्थना पत्र सम्बन्धित न्यायालयों में जमा कराकर इस अभियान का लाभ उठाकर अपने मामलों का निस्तारण मध्यस्थता के आधार पर करा सकते है। यह अभियान न्यायिक बोझ को कम करने और आम जनता को शीघ्र न्याय दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। आइए, इस पहल का हिस्सा बनें और न्याय के इस सहज मार्ग को अपनाएं।’ आपसी सुलह से न सिर्फ विवाद समाप्त होते हैं, बल्कि रिश्तों में भी मिठास आती है। अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें: ‘’जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, हाथरस अथवा नालसा हेल्पलाईन नम्बर 15100।











