सात दिवसीय रुद्राम्बिका महायज्ञ एवं भागवत कथा से पूर्व निकली भव्य कलश यात्रा

सात दिवसीय रुद्राम्बिका महायज्ञ एवं भागवत कथा से पूर्व निकली भव्य कलश यात्रा

इस आयोजन का सबसे बड़ा आकर्षण 151 फीट ऊँचे एकल ध्वजदंड पर फहराई जाने वाली विशाल भगवा सनातन धर्म ध्वजा है

सिकंदराराऊ। कासगंज रोड स्थित श्री राधाजी बैंक्वेट्स में शुक्रवार को सात दिवसीय रुद्राम्बिका महायज्ञ एवं भागवत कथा के प्रथम दिवस विशाल भव्य मंगल कलश यात्रा का आयोजन किया। विधिविधान से मंत्रोच्चार के मध्य कलश यात्रा में सैंकड़ों महिलाएं पीत साड़ी पहन सर पर मंगल कलश धारण कर यात्रा प्रारम्भ हुई।

कलश यात्रा में मुख्य यजमान उदय पुंढीर एवं उनकी पत्नी पूजा पुंढीर हाथ में भागवत कथा पुराण लेकर के सुसज्जित रथ में शामिल हुए। आगे -आगे डीजे पर धार्मिक धुनें बज रही थी । उसके पीछे बैंड बाजे वाले आरती बजाते हुए चल रहे थे। ढोल नगाड़ों की ध्वनि अपनी अलग ही आभा बिखेर रही थी। श्री राधाजी बैंक्वेट्स से प्रारंभ हुई कलश यात्रा करीब 4 किलोमीटर का सफर तय करके गांव टिकरी खुर्द पहुंची। जहां पर कलशों में गंगाजल स्थापित किया गया। यहां पर विधि विधान से विद्वानों द्वारा पूजा सम्पन्न कराई गई ।

इसके पश्चात कलश यात्रा वापस लौटकर श्री राधाजी बैंक्वेट्स की ओर चल दी। कलश यात्रा में शामिल महिलाएं मंगल गीतों तथा धार्मिक भजनों पर नृत्य कर रही थी । कलश यात्रा का समापन श्री राधाजी बैंक्वेट्स पर पहुंचकर हुआ। इस दौरान जय श्रीराधे राधे राधे के जयघोषों से वातावरण सराबोर हो गया।इसके पश्चात स्वामी ज्ञानानंद सरस्वती महाराज ने विशाल यज्ञ मंडप में विधि विधान से शुभ प्रवेश का कार्य संपन्न कराया। श्री राधाजी बैंक्वेट्स हॉल में संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा पाठ प्रारंभ हुआ ।

ज्ञानानंद जी महाराज ने कहा कि श्रीमद् भागवत कथा ऐसी कथा है ,जो जीवन के उद्देश्य एवं दिशा को दर्शाती है । इसलिए जहां भी भागवत कथा होती है। इसे सुनने मात्र से वहां का संपूर्ण क्षेत्र दुष्ट प्रवृत्तियों से समाप्त होकर सकारात्मक ऊर्जा से सशक्त हो जाता है । उन्होंने कहा कि कथा की सार्थकता तभी सिद्ध होती है, जब इसे हम अपने जीवन और व्यवहार में धारण करें। श्रीमद् भागवत कथा के श्रवण से जन्म जन्मांतर के विकार नष्ट होकर प्राणी मात्र का लौकिक व आध्यात्मिक विकास होता है। इस आयोजन का सबसे बड़ा आकर्षण 151 फीट ऊँचे एकल ध्वजदंड पर फहराई जाने वाली विशाल भगवा सनातन धर्म ध्वजा है। आयोजक उदय पुंढीर ने बताया कि यह धर्मध्वजा उत्तर प्रदेश की विशाल और ऊंची धर्म ध्वजाओं में अपनी पहचान बनाने का लक्ष्य रखती है।

इस मौके पर सोमेश यादव, देवेंद्र राघव, सोनू चौहान, आलोक पुंढीर, शैलेंद्र पुंढीर प्रधान, संतोष पुंढीर बाबा, नीरज चौहान, पुष्पेंद्र सिंह,कृष्णकांत कोशिक आदि मौजूद रहे।

Dainik Lalsa
Author: Dainik Lalsa

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