प्रांतीय वैदिक गणित प्रतियोगिता के उद्घाटन सत्र में गूंजा वैदिक गणित का महत्व

ब्रज प्रांत के 12 जिलों से 200 से अधिक छात्र-छात्राओं ने किया प्रतिभाग


हाथरस। सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज लेबर कॉलोनी में विद्या भारती पश्चिमी उत्तर प्रदेश के तत्वावधान में प्रांतीय वैदिक गणित प्रतियोगिता 2026-27 का भव्य शुभारंभ किया गया। प्रतियोगिता में ब्रज प्रांत के 12 जिलों से आए 200 से अधिक छात्र-छात्राओं ने विभिन्न प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग किया।
कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र का प्रारंभ मां सरस्वती की वंदना से हुआ। विद्यालय की छात्राओं ने मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर अतिथियों एवं प्रतिभागियों का मन मोह लिया। छात्राओं द्वारा राधा-कृष्ण नृत्य तथा मेरे बांके बिहारी गीत पर आकर्षक प्रस्तुति दी गई। इसके साथ ही बहनों द्वारा प्रस्तुत- योद्धा बन गई मैं साहसिक नृत्य ने कार्यक्रम में उत्साह और देशभक्ति का भाव भर दिया।
मंचासीन प्रमुख अधिकारी एवं अतिथियों में पुरुषोत्तम राठी अध्यक्ष विद्या मंदिर एवं प्रतिष्ठित व्यवसायी,होडिल सिंह क्षेत्रीय शारीरिक शिक्षा संयोजक पश्चिम उत्तर प्रदेश, अशोक शर्मा कार्यक्रम मुख्य वक्ता एवं विद्या मंदिर ब्रज प्रदेश प्रकाशन प्रमुख, यशवीर सिंह प्रदेश निरीक्षक भारतीय शिक्षा समिति ब्रज प्रदेश, मनोज अग्निहोत्री कार्यक्रम संयोजक एवं प्रबंधक विद्या मंदिर, मनोज कुमार पांडे प्रांतीय वैदिक गणित प्रमुख एवं प्रधानाचार्य गंजडुंडवारा विद्या मंदिर, बालकिशन अग्रवाल प्रधानाचार्य श्री शांति देवी कल्याणदास सरस्वती विद्या मंदिर छर्रा तथा लोकेंद्र नाथ शर्मा व्यवस्था प्रमुख एवं प्रधानाचार्य सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज लेबर कॉलोनी मंचासीन थे।
विभिन्न प्रतियोगिताओं के लिए विषय प्रभारी नियुक्त किये गये। जिनमें वैदिक गणित प्रदर्शन के लिए केशव सिंह गंजडुंडवारा एटा, प्रश्न मंच के लिए राजेशकांत फरीदपुर बरेली, पत्र वाचन के लिए सुरेंद्र सिंह द्रौपदी देवी बदायूं तथा वैदिक गणित प्रयोग के लिए संजीव सिंह एटा विषय प्रभारी थे।
न्याय समिति में विजय प्रकाश प्रधानाचार्य खैर मार्ग अलीगढ़, बालकृष्ण अग्रवाल प्रधानाचार्य छर्रा अलीगढ़ तथा प्रमोद कुमार पांडे प्रधानाचार्य गंजडुंडवारा एटा शामिल थे।।
प्रतियोगिताओं के संचालन में वैदिक गणित प्रयोगात्मक बालकिशोर-तरुण वर्ग के लिए हरेंद्र एवं संजीव, वैदिक गणित प्रश्न मंच के लिए सुभाष एवं मनोज कौशिक, गणित प्रदर्श बाल वर्ग के लिए अशोक, किशोर वर्ग के लिए लालू प्रसाद तथा तरुण वर्ग के लिए अंकित ने दायित्व निभाया।


कार्यक्रम के मुख्य वक्ता अशोक शर्मा ने अपने संबोधन में वैदिक गणित की उपयोगिता एवं महत्व की विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि वैदिक गणित भारतीय ज्ञान परंपरा की महत्वपूर्ण उपलब्धि है और इसे विद्यार्थियों तक पहुंचाने के महत्व को सबसे पहले विद्या भारती ने व्यापक रूप से समझा।उन्होंने अपने वक्तव्य में संख्याओं के माध्यम से विभिन्न उदाहरण प्रस्तुत करते हुए 56 इंच का सीना और आरएसएस जैसे शब्दों को अंकों के आधार पर जोड़कर वैदिक गणित की सरल एवं रोचक गणना पद्धति को समझाया। उन्होंने कहा कि वैदिक गणित विद्यार्थियों में गणना की गति, तार्किक क्षमता, एकाग्रता एवं आत्मविश्वास बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
प्रतियोगिता में प्रतिभाग कर रहे छात्र-छात्राओं में विशेष उत्साह दिखाई दिया। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को भारतीय गणितीय परंपरा से परिचित कराने के साथ-साथ गणित को सरल, रुचिकर एवं व्यावहारिक रूप में सीखने का अवसर प्राप्त हुआ।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में विद्यालय के प्रधानाचार्य एवं व्यवस्था प्रमुख लोकेंद्र नाथ शर्मा, कार्यक्रम संयोजक एवं प्रबंधक मनोज अग्निहोत्री सहित समस्त आचार्य-आचार्याओं एवं कार्यकर्ताओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

Dainik Lalsa
Author: Dainik Lalsa

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