सती चरित्र एवं दक्ष यज्ञ का प्रसंग सुन श्रद्धालु हुए भाव विभोर

भोले बाबा के 1000 नामों का हुआ संकीर्तन

सिकंदराराऊ। कासगंज रोड स्थित ममता फार्म हाउस में चल रही भव्य श्री शिवमहापुराण कथा ज्ञान यज्ञ के सातवें दिन मंगलवार कथा व्यास सतगुरु शरण देव जी महाराज ने श्रद्धालुओं को सती चरित्र एवं दक्ष यज्ञ का विस्तृत प्रसंग सुनाया। कथा व्यास सती चरित्र के माध्यम से भगवान शिव के प्रति भक्ति, समर्पण और श्रद्धा का महत्व समझाया। उन्होंने कहा कि सच्ची भक्ति में अहंकार का कोई स्थान नहीं होता। दक्ष यज्ञ के प्रसंग के माध्यम से उन्होंने बताया कि अहंकार मनुष्य के विनाश का कारण बनता है और भगवान शिव का अपमान करने का परिणाम अत्यंत दुखद होता है। माता सती के त्याग, तपस्या और भगवान शिव के प्रति अटूट समर्पण का प्रसंग सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। उन्होंने भगवान शिव के आदर्शों को अपने जीवन में उतारने तथा परिवार एवं समाज में प्रेम, सद्भाव, संस्कार और आपसी भाईचारा बनाए रखने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि शिव की भक्ति केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है, बल्कि शिव के बताए मार्ग पर चलना और प्रत्येक जीव के प्रति करुणा एवं सम्मान रखना भी सच्ची शिवभक्ति है।कथा में रामकिशन दीक्षित, पंकज दीक्षित,आकाश दीक्षित,विवेक दुबे, प्रशांत शर्मा,रिंकू शर्मा, दुर्वेश पचौरी, सत्यप्रकाश उपाध्याय, मोहित बघेल, राधेश्याम राजपूत, पुरुषोत्तम शर्मा, सतीश शर्मा, ओमकार सिंह चौहान, शिवम दीक्षित, राजुल भारद्वाज, कुलदीप पचौरी, भोला माहेश्वरी, शांति, पवन उपाध्याय, पंकज गुप्ता, मनोज दीक्षित, राकेश शर्मा, अरुण दीक्षित, प्रवीण वार्ष्णेय डौबी आदि मौजूद रहे ।

Dainik Lalsa
Author: Dainik Lalsa

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