महिलाओं की कांवड़ बनी आकर्षण का केंद्र हरिद्वार से शिकोहाबाद पहुंच कर करेंगी भोले का जलाभिषेक

सिकंदराराऊ । पवित्र श्रावण मास में कांवड़ यात्रा को लेकर शिवभक्तों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। इसी क्रम में रविवार को कस्बा के पंत चौराहे पर शिकोहाबाद की महिला श्रद्धालुओं की एक अनोखी कांवड़ पहुंची। चार पहिए की गाड़ी पर सजी यह कांवड़ लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी रही। सड़क से गुजरने वाले लोग भी अनोखी कांवड़ को देखने के लिए रुक गए। महिला श्रद्धालुओं ने अपनी कांवड़ को विशेष रूप से सजाया है। चार पहिए की गाड़ी पर भगवान भोलेनाथ को विराजमान किया गया है। कांवड़ में 51 कलश रखे गए हैं, जिनमें 200 लीटर से अधिक गंगाजल भरा हुआ है। एक दर्जन से अधिक महिला श्रद्धालु इस कांवड़ के साथ अपने गंतव्य की ओर बढ़ रही हैं। यह अनोखी कांवड़ श्रद्धालुओं के बीच आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। महिला श्रद्धालुओं ने बताया कि उन्होंने 12 अगस्त, बुधवार को हरिद्वार से अपनी यात्रा शुरू की थी और 16 अगस्त तक करीब 400 किलोमीटर का सफर तय कर सिकंदराराऊ पहुंची हैं।महिला श्रद्धालुओं के साथ चल रहे भक्तों ने बताया कि सभी को सोमवार 17 अगस्त को शिकोहाबाद के बटेश्वर महाराज मंदिर पहुंचकर इन 51 कलशों के जल से भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करना है। इसके लिए श्रद्धालु करीब 500 किलोमीटर की यात्रा पूरी करेंगी। जब महिला भक्तों से इतने लंबे सफर के दौरान थकान और कमजोरी के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि जुबान पर भोलेनाथ का नाम, मन में आस्था और दिल में विश्वास हो तो थकान महसूस ही नहीं होती। श्रद्धालुओं का कहना है कि भोलेनाथ की भक्ति में पूरी तरह समर्पित होकर वे लगातार आगे बढ़ रही हैं। श्रद्धालुओं का लक्ष्य 17 अगस्त को बटेश्वर महाराज मंदिर पहुंचकर गंगाजल अर्पित करना है।सिकंदराराऊ । पवित्र श्रावण मास में कांवड़ यात्रा को लेकर शिवभक्तों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। इसी क्रम में रविवार को कस्बा के पंत चौराहे पर शिकोहाबाद की महिला श्रद्धालुओं की एक अनोखी कांवड़ पहुंची। चार पहिए की गाड़ी पर सजी यह कांवड़ लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी रही। सड़क से गुजरने वाले लोग भी अनोखी कांवड़ को देखने के लिए रुक गए। महिला श्रद्धालुओं ने अपनी कांवड़ को विशेष रूप से सजाया है। चार पहिए की गाड़ी पर भगवान भोलेनाथ को विराजमान किया गया है। कांवड़ में 51 कलश रखे गए हैं, जिनमें 200 लीटर से अधिक गंगाजल भरा हुआ है। एक दर्जन से अधिक महिला श्रद्धालु इस कांवड़ के साथ अपने गंतव्य की ओर बढ़ रही हैं। यह अनोखी कांवड़ श्रद्धालुओं के बीच आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। महिला श्रद्धालुओं ने बताया कि उन्होंने 12 अगस्त, बुधवार को हरिद्वार से अपनी यात्रा शुरू की थी और 16 अगस्त तक करीब 400 किलोमीटर का सफर तय कर सिकंदराराऊ पहुंची हैं।महिला श्रद्धालुओं के साथ चल रहे भक्तों ने बताया कि सभी को सोमवार 17 अगस्त को शिकोहाबाद के बटेश्वर महाराज मंदिर पहुंचकर इन 51 कलशों के जल से भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करना है। इसके लिए श्रद्धालु करीब 500 किलोमीटर की यात्रा पूरी करेंगी। जब महिला भक्तों से इतने लंबे सफर के दौरान थकान और कमजोरी के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि जुबान पर भोलेनाथ का नाम, मन में आस्था और दिल में विश्वास हो तो थकान महसूस ही नहीं होती। श्रद्धालुओं का कहना है कि भोलेनाथ की भक्ति में पूरी तरह समर्पित होकर वे लगातार आगे बढ़ रही हैं। श्रद्धालुओं का लक्ष्य 17 अगस्त को बटेश्वर महाराज मंदिर पहुंचकर गंगाजल अर्पित करना है।









