सोशल मीडिया पर तस्वीरें एवं वीडियो हुआ वायरल लोगों में पनपा आक्रोश ,पुलिस ने मामले को लिया संज्ञान में
सिकंदराराऊ। हसायन कोतवाली परिसर में उस समय हड़कंप मच गया ,जब संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की एक प्रतिमा मलबे के बीच संदिग्ध परिस्थितियों में पड़ी मिली। प्रतिमा की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश पनप गया। बाद पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया और प्रतिमा को सुरक्षित स्थान पर रखवा दिया।
बताया जाता है कि कोतवाली हसायन में नीलामी के बाद बैरिक को गिराया जा रहा था, तभी मिट्टी और ईंटों के मलबे के बीच कपड़े में लिपटी संविधान निर्माता डॉ भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा दिखाई दी। स्थानीय लोगों का दावा है कि प्रतिमा कई दिनों से इसी स्थिति में पड़ी थी, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। प्रतिमा की इस स्थिति को लेकर पुलिस-प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए जा रहे हैं। लोगों ने इसे संविधान निर्माता के सम्मान से जुड़ा गंभीर विषय बताया है। उनका कहना है कि डॉ. अंबेडकर ने देश को संविधान दिया। जिसके आधार पर न्याय व्यवस्था चलती है । ऐसे में कोतवाली परिसर में उनकी प्रतिमा का इस तरह मलबे में मिलना चिंताजनक है। लोगों ने यह भी सवाल उठाया कि जब हर वर्ष 14 अप्रैल को डॉ. अंबेडकर जयंती पर उनके आदर्शों को याद किया जाता है, तो उनकी प्रतिमा के प्रति ऐसी लापरवाही कैसे हुई। प्रतिमा वहां क्यों रखी गई थी, किसने उसे मलबे के बीच रखा और यह स्थिति कितने समय से बनी हुई थी । इसकी कोई आधिकारिक जानकारी अभी तक सामने नहीं आई है। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया। स्थानीय लोगों ने पुलिस-प्रशासन से प्रतिमा को तत्काल सम्मानजनक स्थान पर रखवाने, स्थिति की जांच कराने और लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदारी तय करने की मांग की है।









