हाथरस।श्री 108 शिवदत्त जी महाराज एवं मुनि श्री 108 पदमदत्त जी महाराज के भव्य मंगल प्रवेश के उपरांत हलवाई खाना स्थित श्री पारसनाथ दिगंबर जैन पंचायती बड़े मंदिर में प्रवचन के दौरान शिवदत्त जी महाराज ने कहा कि इस संसार में ऐसा व्यक्ति कोई नही है जो सुखी है। हर व्यक्ति दुखी है, कोई तन से,कोई मन से तो कोई धन से दुखी है। दुखी व्यक्ति ही मंदिर जाता है, पूजा करता, धार्मिक यात्रा करता है, पूजा विधान कराता है।

शिवदत्त जी महाराज ने कहा कि जो व्यक्ति गरीब है वह इसलिए दुखी है कि उसके पास धन नही है,और जो धनी है,वह इसलिये दुखी है कि उसके यहाँ कोई छापा न पढ़ जाये। पहले चिंता रहती है पढ़ाई की,पढ़ नही पाये तो दुखी, पढ़ गये और नौकरी नहीं लगी तो दुखी है,शादी न हो तो दुखी,हो जाये और पत्नी तेज आ जाये तो दुखी है।बच्चे नालायक निकल जाये तो दुखी है। लोगों के पास मंदिर जाकर भगवान की प्रार्थना करने और जिनवाणी पढ़ने का समय नहीं है।यदि आपके नगर में कोई साधु आ जाये तो उनके साथ समागम करे, मुनि महाराज जी आपको सदमार्ग दिखा सकते हैं। साधु भगवान का रूप होता है, मुनि शिवदत्त महाराज ने कहा कि इन सभी समस्याओं का समाधान जैन दर्शन में है।आपने साधु को कभी कोई बीमारी होते नहीं देखी होगी, किसी भी साधु को कैंसर, ट्यूमर जैसी बीमारी नही होती है, क्योंकि उनका व्यवस्थित भोजन आगम के अनुसार रहता है। रविवार को नमक का त्याग कर देता है।इसी तरह सोमवार को हरी का त्याग,मंगलवार को मीठे का,बुधवार को घी, गुरुवार को दूध, शुक्रवार को रस देता त्याग रहता है।इसी से साधु सुखी रहता है, वह तपस्या करता है। मुनि जी ने सभी को सदमार्ग पर चलने के लिये प्रेरित किया।। इस मौके पर श्री जैन नव युवक सभा अध्यक्ष उमाशंकर जैन, धन्य कुमार जैन सोगानी, राकेश जैन बाल पंडित, विशाल जैन वेद,अमित जैन, संजीव जैन भूरा, जितेंद्र जैन रेडीमेड,अतुल जैन वसुंधरा, विजय जैन लोहिया,संजीव जैन लुहाड़िया, राजकुमार जैन लोहिया, गिरीश जैन, मनीष जैन, अरुण जैन लोहिया, रतन जैन, पदमचंद जैन ,राजू जैन, विजय जैन,आशीष जैन,राहुल जैन हरविन्द जैन,यतीश जैन,हिमांशु जैन,पवन जैन ,अनिल आदि मौजूद थे।









