हाथरस। व्यक्ति के मानव अधिकारों के संरक्षण और संवर्धन का कार्य कर रही एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक हृयूमन राइट्स संस्था अज्ञात शवों के धार्मिक रीति-रिवाज से दाह संस्कार का कार्य कर रही है।।
अज्ञात शव को एडीएचआर की देखरेख और समाजसेवी सुनीत आर्य के नेतृत्व में दाह संस्कार किया गया, जिसके दाह संस्कार की व्यवस्था मे एडीएचआर उपाध्यक्ष हर्ष मित्तल (पिंटू) का पूर्ण रूपेण सहयोग रहा। सादाबाद कोतवाली के अंतर्गत बिसावर चौकी गढी गुमानी के बंबा में 27 जून को एक शव बहता हुआ दिखा, जो नग्न अवस्था में था। शव पूरी तरह से सढ़-गल और फूल गया था। ढांचा ही ढांचा दिख रहा था। पोस्टमार्टम में शव की पहचान महिला-पुरुष के रूप में भी नहीं हो पाई। विसरा सुरक्षित रखा गया है और डीएनए को भेजा जाएगा, तब महिला पुरुष कौन है और उसकी उम्र क्या है की पहचान होने की संभावना है।
पुलिस द्वारा शव को शिनाख्त के लिए 72 घंटे रखा। शव की शिनाख्त न होने के कारण शव को पुलिस द्वारा लावारिस घोषित कर पोस्टमार्टम कराया गया। उसके उपरांत पुलिस द्वारा समाजसेवी सुनीत आर्य व प्रवीन वार्ष्णेय से शव के अंतिम संस्कार के लिए अनुरोध किया गया।समाजसेवियों द्वारा उपरोक्त शव का हिंदू रीति रिवाज से दाह संस्कार किया गया।
अंतिम संस्कार में प्रवीन वार्ष्णेय राष्ट्रीय महासचिव एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक ह्यूमन राइट्स समाजसेवी सुनीत आर्य,एनएसएस अध्यक्ष सुनील अग्रवाल,आयोग दीपक ,बंटी भाई कपड़े वाले,साथ में तरूण राघव,विशाल सोनी,सतेन्द्र मोहन,दीपांशु वार्ष्णेय, कांस्टेबल संदीप कुमार, कांस्टेबल अमन कुमार मौजूद थे।









