अनाधिकृत निर्माण के विरुद्ध होगी ध्वस्तीकरण की कार्यवाही- एसडीएम सदर
हाथरस। तहसील सदर के नवागत एसडीएम सदर शुभेंदु गोपाल ने बताया है कि विनियमित क्षेत्र में बिना मंजूर नक्शे के भवन बनाने और जमीन पर कॉलोनी विकसित करने पर रोक की जानकारी दी है। ऐसा करना उत्तर प्रदेश (निर्माण का विनियमन) अधिनियम, 1958 की धारा 6 का उल्लंघन है।प्रशासन के मुताबिक कुछ लोग विनियमित क्षेत्र की कृषि भूमि पर ले-आउट मंजूर कराए बिना प्लॉट काटकर बेच रहे हैं। इन कॉलोनियों में सड़क, नाली, जल निकासी, बिजली और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाएं नहीं हैं।
एसडीएम सदर शुभेंदु गोपाल ने कहा है कि तहसील सदर के अन्तर्गत विनियमित क्षेत्र में सम्मिलित ग्रामों में किसी भी प्रकार का आवासीय, व्यावसायिक अथवा अन्य भवन निर्माण, अथवा भूमि का कालोनी के रूप में विकास, नियत प्रांधिकारी, विनियमित क्षेत्र सदर से मानचित्र स्वीकृत कराए बिना नहीं किया जा सकता। ऐसा करना उत्तर प्रदेश (निर्माण का विनियमन) अधिनियम, 1958 की धारा 6 का उल्लंघन है।
उन्होंने कहा है कि संज्ञान में आया है कि कतिपय व्यक्तियों द्वारा विनियमित क्षेत्र की कृषि भूमि पर बिना ले-आउट स्वीकृति के प्लाटिंग कर भूखण्ड बेचे जा रहे है, जिनमें सड़क, नाली, जल निकासी, विद्युत एवं पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाएँ उपलब्ध नहीं है। ऐसी कालोनियों में भूखण्ड क्रय करने वाले व्यक्तियों के भवन मानचित्र स्वीकृत नहीं हो सकेंगे तथा अनाधिकृत निर्माण के विरूद्ध ध्वस्तीकरण की कार्यवाही की जा सकती है।
एसडीएम सदर ने जनसामान्य से अपेक्षा है कि विनियमित क्षेत्र में कोई भी भूखण्ड क्रय करने से पूर्व विनियमित क्षेत्र कार्यालय तहसील सदर से यह पुष्टि अवश्य कर लें कि सम्बन्धित कालौनी का ले-आउट मानचित्र स्वीकृत है अथवा नहीं, तथा भवन निर्माण प्रारम्भ करने से पूर्व मानचित्र स्वीकृत करा लें। विनियमित क्षेत्र में सम्मिलित ग्रामों की सूची तथा स्वीकृत ले-आउट वाली कालोनियों की सूची कार्यालय में अवलोकन हेतु उपलब्ध है।।
एसडीएम सदर शुभेंदु गोपाल ने कहा है कि अवैध प्लाटिंग अथवा अनाधिकृत निर्माण की सूचना कार्य दिवसों में विनियमित क्षेत्र कार्यालय तहसील सदर में दी जा सकती है। सूचना देने वाले व्यक्ति का नाम गोपनीय रखा जाएगा।











