
सिकंदराऊ। कस्बा एवं क्षेत्र में आवारा गौवंशों की समस्या किसानों से लेकर आम आदमी तक के लिए नासूर बन गई है। आवारा गौवंशों का आतंक लगातार बढ़ता ही जा रहा है। इस दिनों राष्ट्रीय राजमार्ग पर इन दोनों गौवंशों का भारी जमावड़ा हादसों का सबब बन रहा है। राजमार्ग पर दिन-रात घूमते और – बैठते बेसहारा गौवंश न केवल यातायात को प्रभावित कर रहे हैं, बल्कि आए दिन भीषण दुर्घटनाओं को भी निमंत्रण दे रहे हैं। वहीं आवारा गौ वंश खेतों में खड़ी किसानों की फसलों को भी बर्बाद कर रहे हैं।
बतादें कि एक तरफ सरकार गौ शालाओं के संचालन और रखरखाव पर हर वर्ष करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, वहीं दूसरी ओर धरातल पर सैकड़ों की संख्या में आवारा गौवंश सड़कों पर भटकने को मजबूर हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग पर सड़कों के बीचों-बीच गौवंशों के झुंड बैठे हुए नजर आते है। इस अव्यवस्था के कारण अक्सर तेज रफ्तार वाहनों की चपेट में आने से आवारा पशुओं की मौत भी हो जाती है,जबकि कई बार राहगीर भी गंभीर रूप से घायल हो जाते हैं और काल का ग्रास भी बन जाते हैं। आवारा गौवंश सड़कों पर विचरण करने के दौरान लोगो एवं बच्चों पर हमला भी कर रहे है। वहीं खेतों में खड़ी किसानों की फसलों को भी बर्बाद करने में जुटे हुए हैं। 24 अगस्त को थाना हसायन क्षेत्र के गांव अंडोली में घर से सामान लेने को निकले एक 12 वर्षीय बालक पर हमला कर दिया। आवारा गौवंश ने बालक को अपने सीगों से पटक पटक कर मौत के घाट उतार दिया। लोगों ने सड़को पर आवारा घूम रहे गौवंशों को पकड़वाने की मांग की है।









