हाथरस। श्रावण मास के दृष्टिगत शिवालयों में श्रद्धालुओं एवं कांवड़ियों की सुविधा, सुरक्षा तथा सुगम जलाभिषेक को लेकर जिलाधिकारी अतुल वत्स एवं पुलिस अधीक्षक चिरंजीव नाथ सिन्हा ने आज श्री चौबे वाले महादेव मंदिर पर पहुंचकर की गई व्यवस्थाओं का जायजा लिया तथा विधि विधान पूर्वक मंत्रोच्चारण के साथ शिवलिंग पर जलाभिषेक कर पूजा अर्चना की।

इस मौके पर जिलाधिकारी ने शिवालय परिसर, श्रद्धालुओं की आवाजाही, साफ-सफाई, सुरक्षा व्यवस्था, सीसीटीवी निगरानी सहित विभिन्न व्यवस्थाओं का जायजा लिया तथा अधिकारियों एवं कर्मचारियों से व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की। जिलाधिकारी ने कहा कि सावन माह में बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं कांवड़िये शिवालयों में जलाभिषेक के लिए पहुंचते हैं। विशेष रूप से सोमवार को श्रद्धालुओं की संख्या अधिक रहती है। ऐसे में श्रद्धालुओं की सुविधा के साथ-साथ उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।। जिलाधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि शिवालय परिसर में 24 घंटे सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से निगरानी की जा रही है तथा पुलिस बल द्वारा सुरक्षा की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। शिवालय के सामने रेलवे लाइन होने के कारण श्रद्धालुओं की सुरक्षा के दृष्टिगत रेलवे लाइन की ओर किसी भी व्यक्ति के जाने की संभावना को रोकने के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं।
जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने शिवालय परिसर में स्कूल एवं कॉलेज के छात्र-छात्राओं द्वारा स्वप्रेरणा से आयोजित किए जा रहे भंडारे का भी जायजा लिया। अधिकारियों ने युवाओं से संवाद कर उनकी पहल, व्यवस्थाओं तथा सेवा कार्य के संबंध में जानकारी ली। जिलाधिकारी ने युवाओं की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि वर्तमान समय में जब युवा आधुनिक जीवनशैली एवं पाश्चात्य संस्कृति से प्रभावित हो रहे हैं, ऐसे समय में युवाओं द्वारा अपनी संस्कृति, परंपरा और सेवा भावना से जुड़कर इस प्रकार की पहल करना अत्यंत सराहनीय है। उन्होंने कहा कि युवाओं का यह प्रयास समाज के लिए प्रेरणादायी है। जिलाधिकारी ने युवाओं से पूछा कि भंडारे के आयोजन में उन्हें किन वस्तुओं की आवश्यकता है। युवाओं की मांग पर प्रशासन की ओर से पूरी-सब्जी के साथ जलेबी की व्यवस्था में भी सहयोग किए जाने का निर्णय लिया। जिलाधिकारी ने कहा कि यह उनकी आस्था, समर्पण और सेवा भावना को दर्शाता है।
जिलाधिकारी ने युवाओं से यह भी जानकारी ली कि वे भंडारे के अतिरिक्त अन्य किस प्रकार अपनी सहभागिता कर रहे हैं। युवाओं ने बताया कि वे शिवालय परिसर में साफ-सफाई व्यवस्था में भी सहयोग कर रहे हैं तथा भंडारे के उपरांत परिसर में गंदगी नहीं रहने देंगे। जिलाधिकारी ने कहा कि यह पहल केवल धार्मिक आयोजन तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें सेवा, स्वच्छता और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना भी दिखाई देती है। उन्होंने कहा कि एनएसएस सहित विभिन्न शैक्षणिक कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों को समाज सेवा के लिए प्रेरित किया जाता है और इन युवाओं द्वारा इस भावना को धरातल पर उतारकर एक उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया गया है। जिलाधिकारी ने युवाओं के इस सेवा भाव की प्रशंसा करते हुए कहा कि निश्चित रूप से इनके शिक्षकों एवं अभिभावकों ने इन्हें सामाजिक जिम्मेदारी और संस्कारों की अच्छी शिक्षा दी है। उन्होंने युवाओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि प्रशासन की ओर से उनकी इस सकारात्मक पहल को पूरा सहयोग प्रदान किया जाएगा।









