हाथरस। श्रावण मास के दौरान उच्च अधिकारियों द्वारा दिए गए आश्वासन के बाद भी हाथरस में प्रतिदिन प्रातः 7 बजे से रात्रि 9 बजे तक नो एंट्री लागू कर दी गई है और ऐसी स्थिति में ट्रांसपोर्ट कारोबारी एवं व्यापारियों के लिए शहर में लोडिंग-अनलोडिंग करना भारी मुश्किल हो गया है और जब दिन भर वाहन शहर में प्रवेश ही नहीं कर पाएंगे तो व्यापारियों को माल की आपूर्ति, दुकानों की आवश्यकताओं की पूर्ति तथा ट्रांसपोर्ट व्यवसासियों को समय पर कार्य पूरा करने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। जिससे वाहन मालिकों के लिए फाइनेंस कंपनियों की किस्तों, कर्मचारियों को वेतन एवं अन्य व्यवसासिक दायित्वों का निर्वहन करना भी मुश्किल हो जाएगा।। उक्त गंभीर समस्या आज ट्रांसपोर्ट व्यापारियों व व्यापार मंडल के पदाधिकारी तथा दुकानदारों द्वारा पुलिस कप्तान चिरंजीव नाथ सिन्हा से मिलकर उनके समक्ष रखी गई है। व्यापारियों ने पुलिस कप्तान को बताया कि शहर में नो-एंट्री व्यवस्था में बदलाव की आवश्यकता है।उन्होंने एसपी को ज्ञापन सौंपा, जिसमें कहा गया है कि सुबह 7 बजे से रात 9 बजे तक लागू नो एंट्री के कारण व्यापार और ट्रांसपोर्ट का काम प्रभावित हो रहा है। व्यापारी पदाधिकारियों ने बताया कि यातायात पुलिस के ट्रैफिक प्रभारी द्वारा शहर में प्रतिदिन प्रात 7 से रात्रि 9 बजे तक नो एंट्री लागू कर दी गई है और ऐसी स्थिति के चलते लोडिंग-अनलोडिंग और माल की आपूर्ति में लगातार बाधाएं आ रही हैं। इससे व्यापारियों और ट्रांसपोर्ट व्यवसायियों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने मांग की है कि नो-एंट्री में पूर्व की तरह सुबह 9 बजे से दोपहर 1 बजे तक और अपराह्न 3 बजे से सांय 5 बजे तक नो एण्ट्री छूट दी जाए, जिससे लोडिंग अनलोडिंग एवं व्यापारिक गतिविधियां सुचारू रूप से संचालित हो सके।
पुलिस अधीक्षक चिरंजीव नाथ सिन्हा ने प्रतिनिधिमंडल को उनकी मांगों पर नियमानुसार विचार करने का आश्वासन दिया है। ज्ञापन सौंपने वालों में एआईएमटीसी के सदस्य एवं हाथरस गुड्स ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के जिला महासचिव व प्रदेश संगठन मंत्री राहुल गुप्ता, उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के जिला महामंत्री अनिल वार्ष्णेय तेल वाले, शहर अध्यक्ष तरुण व्यापार मंडल के उपाध्यक्ष रवि वाष्प्रेय, युवा प्रदेश मंत्री सुनील वर्मा तथा अन्य व्यापारी व ट्रांसपोर्ट एसोसिएशनों के पदाधिकारी शामिल थे।









