स्वास्थ्य विभाग की टीम ने छापेमारी कर झोलाछाप को मरीज का उपचार करते पकड़ा

शिकायत पर झोलाछाप का क्लीनिक किया सील

सिकन्द्राराऊ । कस्बानुमा गांव बाजिदपुर में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने छापेमारी कर अवैध रूप से संचालित हो रहे एक झोलाछाप चिकित्सक को मरीज का उपचार करते हुए मौके पर पकड़ा । टीम ने कार्यवाही करते हुए अवैध क्लीनिक को सील कर दिया। विभागीय कार्यवाही से झोलाछाप चिकित्सकों में हड़कंप मच गया है।। स्वास्थ्य विभाग को गांव बाजिदपुर में अवैध रूप से संचालित हो रहे झोलाछाप चिकित्सक के क्लीनिक की लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं। आरोप था कि बाजिदपुर निवासी झोलाछाप चिकित्सक सत्यपाल सिंह अवैध रूप से क्लीनिक को संचालित कर मरीजों का उपचार कर रहे थे। शिकायतों में प्रसव कराने और डीएनसी (डाइलेशन एंड क्यूरेटेज) जैसी चिकित्सीय प्रक्रियाएं अवैध रूप से करने का भी उल्लेख था। इस संबंध में आईजीआरएस पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई गई थी।


इन शिकायतों के आधार पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने क्लीनिक का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान गांव बाजिदपुर निवासी सत्यपाल सिंह मरीज महेंद्र (38 वर्ष) पुत्र नेकसेलाल का उपचार करते हुए पाए गए। टीम ने उनसे राज्य चिकित्सा परिषद या मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय का पंजीकरण, चिकित्सीय योग्यता संबंधी प्रमाणपत्र और अन्य आवश्यक दस्तावेज मांगे, किंतु वह कोई भी वैध अभिलेख प्रस्तुत नहीं कर सके।। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि सत्यपाल सिंह को पहले भी नोटिस जारी कर आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए थे। हालांकि, निर्धारित समय में उन्होंने कोई वैध प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया। इसके बाद उच्च अधिकारियों से दूरभाष पर हुई चर्चा के उपरांत उक्त क्लीनिक को अगले आदेश तक सील कर दिया गया है।
स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि बिना पंजीकरण और वैध अनुमति के चिकित्सा कार्य करना कानूनन अपराध है। विभाग ने आम जनता से अपील की है कि वे उपचार के लिए केवल पंजीकृत चिकित्सकों से ही संपर्क करें और किसी भी अवैध क्लीनिक की सूचना तत्काल प्रशासन को दें।

Dainik Lalsa
Author: Dainik Lalsa

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