गुरु ही वह दिव्य शक्ति है, जो जीवन से अज्ञान रूपी अंधकार को दूर कर ज्ञान, भक्ति और आत्मबोध कराते हैं-आचार्य बल्लभ जी महाराज

गुरु पूर्णिमा महोत्सव की पूर्व संध्या पर हुआ दिव्य आध्यात्मिक सत्संग

हाथरस। गुरु कृपामृत महोत्सव के पावन अवसर पर शहर के चामड़ गेट पर नई धर्मशाला में विष्णुस्वामी सम्प्रदायमतानुवर्ती आचार्य श्री बल्लभ जी महाराज के श्रीमुखारविन्द से बीती रात्रि को दिव्य आध्यात्मिक सत्संग का भव्य आयोजन किया गया। सत्संग में नगर के अनेक नागरिकों, संतप्रेमी श्रद्धालुओं एवं भक्तजनों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता कर गुरु कृपा का पुण्य लाभ प्राप्त किया।


दिव्य आध्यात्मिक सत्संग में अपने उद्बोधन में आचार्य श्री बल्लभ जी महाराज ने गुरु तत्त्व का अत्यंत गूढ़ एवं सरल शब्दों में वर्णन करते हुए कहा कि गुरु ही वह दिव्य शक्ति हैं, जो जीव के जीवन से अज्ञान रूपी अंधकार को दूर कर ज्ञान, भक्ति और आत्मबोध का प्रकाश प्रदान करते हैं। गुरु केवल शिक्षा देने वाले नहीं, बल्कि जीवन को धर्म, सदाचार एवं ईश्वर की ओर अग्रसर करने वाले साक्षात् मार्गदर्शक हैं।


महाराज श्री ने भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर गुरु-शिष्य परंपरा की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि वेद, उपनिषद, पुराण एवं सनातन धर्म का समस्त दिव्य ज्ञान इसी परंपरा के माध्यम से आज तक सुरक्षित और जीवंत बना हुआ है। जब शिष्य श्रद्धा, समर्पण, सेवा और आज्ञापालन के भाव से गुरु के चरणों में स्वयं को अर्पित करता है, तभी उसके जीवन में आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त होता है और ईश्वर की कृपा सहज प्राप्त होती है।।
सत्संग के दौरान सम्पूर्ण वातावरण गुरु भक्ति, हरिनाम संकीर्तन एवं आध्यात्मिक भाव से ओत-प्रोत रहा। श्रद्धालुओं ने गुरु महिमा का श्रवण कर अपने जीवन को धर्ममय बनाने का संकल्प लिया। वहीं आज गुरु पूर्णिमा महोत्सव के अवसर पर गुरु पूजन, गुरु दीक्षा महोत्सव का दिव्य आयोजन किया जा रहा है जो की देर रात्रि तक चलेगा।।
कार्यक्रम में गोविंद बल्लभ, नरेंद्र खेतान, विनय फतेहचंदका, अनूप अग्रवाल, पंकज खंडेलवाल, श्याम सुंदर शर्मा बंटी भैया, बंशी वार्ष्णेय, नितिन अग्रवाल, सुभांशु खंडेलवाल,माधव अग्रवाल, दीनदयाल गोयल, मदन गोपाल वाष्र्णेय, अजय अग्रवाल, वेदांश बल्लभ आदि तमाम भक्तगण मौजूद थे।

Dainik Lalsa
Author: Dainik Lalsa

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