द्विपक्षीय समझौतों से छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं होगी

हाथरस। उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक अधिकारी एसोसिएशन एवं उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक स्टाफ एसोसिएशन की संयुक्त सभा गत शनिवार को अलीगढ़ रोड स्थित एक रैस्टेरेंन्ट में आयोजित की गई। सभा में बैंक शाखाओं में सामूहिक भोजनावकाश व्यवस्था समाप्त करने के प्रयासों पर गहरा रोष व्यक्त करते हुए इसे कर्मचारियों के द्विपक्षीय अधिकारों एवं औद्योगिक लोकतंत्र पर सीधा आघात बताया गया।
सभा को संबोधित करते हुए उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक अधिकारी एसोसिएशन के अध्यक्ष संजीव विश्नावत ने कहा कि कर्मचारियों के अधिकार लंबे संघर्षों एवं द्विपक्षीय समझौतों की देन हैं। इन्हें किसी प्रशासनिक निर्देश अथवा परिपत्र के माध्यम से समाप्त नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि 19 अक्टूबर 1966 के प्रथम द्विपक्षीय समझौते की धारा 14.4 कर्मचारियों को आधे घंटे से कम नहीं तथा एक घंटे से अधिक नहीं के भोजनावकाश का अधिकार प्रदान करती है तथा भोजनावकाश की व्यवस्था कर्मचारियों की सामूहिक इच्छा के अनुरूप निर्धारित किए जाने का स्पष्ट प्रावधान करती है। ऐसे में किसी भी प्रकार का एकतरफा परिवर्तन द्विपक्षीय व्यवस्था की मूल भावना के विपरीत है।
स्टाफ एसोसिएशन के महामंत्री निशांत वार्ष्णेय ने कहा कि सामूहिक भोजनावकाश केवल भोजन का समय नहीं, बल्कि कर्मचारियों के बीच संवाद, समन्वय, मानसिक तनाव में कमी तथा संगठनात्मक एकता का महत्वपूर्ण माध्यम है। ग्राहक सेवा के नाम पर कर्मचारियों के स्थापित अधिकारों को सीमित करना किसी भी दृष्टि से उचित नहीं है।संयुक्त सभा में वक्ताओं ने कहा कि यदि आज बिना द्विपक्षीय वार्ता के भोजनावकाश जैसी व्यवस्था बदली जाती है, तो भविष्य में कार्य समय, अवकाश, स्थानांतरण, कार्यभार एवं अन्य सेवा शर्तों में भी एकतरफा परिवर्तन का मार्ग प्रशस्त हो सकता है। इसलिए यह संघर्ष केवल लंच ब्रेक का नहीं, बल्कि संपूर्ण द्विपक्षीय व्यवस्था एवं श्रमिक अधिकारों की रक्षा का संघर्ष है।

सभा में सर्वसम्मति से मांग की गई कि 19 अक्टूबर 1966 के प्रथम द्विपक्षीय समझौते की धारा 14.4 का अक्षरशः पालन सुनिश्चित किया जाए। भोजनावकाश संबंधी किसी भी परिवर्तन से पूर्व सभी मान्यता प्राप्त कर्मचारी संगठनों से द्विपक्षीय वार्ता की जाए तथा कर्मचारियों के सामूहिक भोजनावकाश के अधिकार की पूर्ण सुरक्षा की जाए।सभा में दोनों संगठनों के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने एक स्वर में घोषणा की कि कर्मचारियों के वैधानिक एवं द्विपक्षीय अधिकारों की रक्षा के लिए लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण संघर्ष जारी रहेगा।

सभा में संरक्षक जी. के. शर्मा, श्रीकांत गर्ग , यू.पी.वी ई. यू . के संगठन मंत्री दीपक लवानियाँ, चंद्रकांत ,वंशज सागर , अमित गौरव , दीपक गर्ग और सुनील कुमार सहित विभिन्न शाखाओं के अधिकारी एवं कर्मचारी तथा दोनों संगठनों के अनेक सदस्य उपस्थित थे।

Dainik Lalsa
Author: Dainik Lalsa

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