
न्यायालय परिसर में आने वाले वादकारियों के साथ हमेशा सम्मानजनक और सौहार्दपूर्ण व्यवहार करें। जब आप दूसरों को सम्मान देंगे, तभी आपको भी सम्मान मिलेगा। इसके साथ ही अपनी कार्यप्रणाली में पूरी ईमानदारी बरतें और बिना किसी डर के दायित्वों का निर्वहन करें। यह बातें जनपद न्यायालय हाथरस के प्रांगण में आयोजित एक विशेष प्रशिक्षण सत्र के दौरान कर्मचारियों को सिखाई गईं। 
यह बातें हाथरस न्यायालय में आयोजित जेटीआरआई के निर्देश पर कर्मचारियों के लिए शिष्टाचार व तकनीकी प्रशिक्षण कार्यशाला मंें बताई गई। जे.टी.आर.आई. लखनऊ के निर्देशानुसार एवं जनपद न्यायाधीश विनय कुमार के आदेश पर सतत् सीखने का वातावरण तैयार करने के उद्देश्य से प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय के प्रांगण में एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस दौरान पेशकार राजीव कुमार व प्रशासनिक लिपिक आशुतोष अग्रवाल ने तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को शिष्टाचार और न्यायालय के तौर-तरीकों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को अपने से कनिष्ठ (छोटे) सहकर्मियों के साथ भी बेहतर तालमेल रखना चाहिए। साथ ही, अपने सीनियर अधिकारियों से कार्य करने की प्रणाली और फाइलों के रख-रखाव के गुर सीखने चाहिए। कार्यशाला में प्रशासनिक बारीकियों से भी अवगत कराया गया। कर्मचारियों को सामान्य नियमावली (सिविल) में दिए गए तय प्रारूपों के अनुसार आधिकारिक रजिस्टर तैयार करने की तकनीकी जानकारी दी गई, ताकि न्यायिक कार्यों में पारदर्शिता और सटीकता बनी रहे। इस अवसर पर सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (हाथरस) समेत जनपद के समस्त तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।









