प्रदेश में आरटीआई और आईजीआरएस की बदहाली पर आरटीआई कार्यकर्ता एसो. ने राज्यपाल को भेजा ज्ञापन

लखनऊ / हाथरस। सूचना का अधिकार कार्यकर्ता एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक कुमार शुक्ला एवं जिलाध्यक्ष राजीव वार्ष्णेय के नेतृत्व में संगठन ने राज्यपाल को महत्वपूर्ण ज्ञापन भेजा गया है। इस ज्ञापन के माध्यम से प्रदेश में भ्रष्टाचार के विरुद्ध सशक्त हथियार माने जाने वाले जनसुनवाई पोर्टल (आईजीआरएस) और सूचना का अधिकार अधिनियम (आरटीआई) के प्रभावी क्रियान्वयन में अधिकारियों द्वारा बरती जा रही घोर लापरवाही और शिथिलता की ओर ध्यान आकर्षित किया गया है।।
एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि प्रदेश में पारदर्शी शासन व्यवस्था को कुछ भ्रष्ट अधिकारियों द्वारा निरंतर कमजोर किया जा रहा है। ज्ञापन में तीन मुख्य बिंदुओं को रेखांकित किया गया है। अधिकारियों द्वारा जनसुनवाई पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों के निस्तारण के नाम पर अक्सर तथ्यों को छिपाया जा रहा है। पोर्टल पर गलत और भ्रामक रिपोर्ट लगाकर शिकायतों को जबरन बंद किया जा रहा है, जिससे पीड़ितों को न्याय नहीं मिल पा रहा।सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत मांगी गई जानकारी समय पर न देना या अधूरी जानकारी देना अब अधिकारियों की परिपाटी बन गई है। यह कानून की मूल भावना का स्पष्ट उल्लंघन है।
ज्ञापन में कहा गया है कि गलत रिपोर्ट लगाने वाले और सूचना छिपाने वाले अधिकारियों के विरुद्ध कोई कठोर दंडात्मक कार्यवाही न होने के कारण उनके हौसले बुलंद हैं। इससे सरकार की जनहितकारी योजनाओं की छवि धूमिल हो रही है।।
राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक कुमार शुक्ला ने प्रेस को संबोधित करते हुए कहा कि संगठन के पास इन अनियमितताओं के पुख्ता साक्ष्य मौजूद हैं। उन्होंने राज्यपाल से अनुरोध किया है कि संगठन के प्रतिनिधि मंडल को अपनी बात और साक्ष्य प्रस्तुत करने हेतु समय प्रदान किया जाए ताकि व्यवस्था में व्याप्त इन कमियों को दूर कर पारदर्शी शासन को पुनः सुदृढ़ बनाया जा सके।जिलाध्यक्ष राजीव वार्ष्णेय ने जोर देकर कहा कि यदि शासन-प्रशासन ने जनहित के इन महत्वपूर्ण माध्यमों आईजीआरएस और आरटीआई की पवित्रता को बहाल करने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए, तो संगठन भ्रष्टाचार के विरुद्ध अपने अभियान को और तेज करेगा।
इस अवसर पर संगठन के अन्य पदाधिकारी और सदस्य भी मौजूद थे।

Dainik Lalsa
Author: Dainik Lalsa

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