खनन माफियाओं ने अवैध खनन करने बाद छोड़े गहरे गड्ढे:बरसात में गड्ढे हुए दलदल में तब्दील

सिकंदराराऊ। क्षेत्र में अवैध खनन माफियाओं के हौसले बुलंद है। शासन की शक्ति के बाबजूद भी क्षेत्र में अवैध खनन का कार्य जोरो पर चल रहा है। जिम्मेदार इस ओर ध्यान ही नहीं दे रहे हैं। अवैध खनन से बने गहरे गड्ढे लोगों के जीवन के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। इसीक्रम में कोतवाली क्षेत्र के गांव गंगागढ़ी में एक मामला प्रकाश में आया है । जहां अवैध खनन से बने एक गहरे गड्ढे में बारिश का पानी भरने से दलदल बन गई। इसमें कई नीलगाय फंस गईं। जिससे इलाके में हड़कंप मच गया। ग्रामीणों ने नील गायों को दलदल में फंसा देख तुरंत बचाव कार्य शुरू कर दिया। कई घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद नीलगायों को दलदल से सकुशल निकाला गया।
बताया जाता है कि गांव में खनन माफियाओं के हौसले बुलंद है । माफिया निरंतर दिन के उजाले एवं रात के अंधेरे में अवैध खनन के कार्य को अंजाम दे रहे हैं। खनन माफियाओं ने क्षेत्र में मिट्टी का अवैध खनन कर गहरे गड्ढे छोड़ दिए थे। हाल की बारिश के कारण इन गड्डों में पानी भर गया और वे खतरनाक दलदल में तब्दील हो गए। इसी दलदल में कई छोटी-बड़ी नीलगाय फंस गईं और बाहर निकलने के लिए छटपटाने लगीं ।जिससे क्षेत्र में खलबली मच गई। मौके पर ग्रामीणों की भीड़ एकत्रित हो गया। गांव के युवाओं ने वन्यजीवों के प्रति संवेदनशीलता दिखाते हुए अपनी जान जोखिम में डालकर दलदल में उतरने का प्रयास किया। हालांकि, दलदल अधिक गहरा और फिसलन भरा होने के कारण वे सफल नहीं हो सके। इसके बाद ग्रामीणों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी।
सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और ग्रामीणों के सहयोग से बचाव अभियान शुरू किया गया। कई घंटो की कड़ी मशक्कत के बाद दलदल में फंसी सभी नीलगायों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। बाद में उन्हें पास के जंगल क्षेत्र में छोड़ दिया गया। जिसके बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली । इस घटना ने अवैध खनन पर प्रशासनिक लापरवाही को भी उजागर किया है। ग्रामीणों का कहना है कि खनन माफिया अवैध खनन करने बाद गहरे गड्ढे छोड़ जाते हैं । जिन्हें भरने की कोई व्यवस्था नहीं होती। बारिश में यही गड्ढे जानलेवा दलदल बन जाते हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से अवैध खनन पर सख्त कार्रवाई और ऐसे गड्डों को तत्काल भरवाने की मांग की है, ताकि भविष्य में कोई बड़ा हादसा न हो।









