राष्ट्रीय लोक अदालत में 70970 वादों का किया निस्तारणः4जोड़ो का बसाया घर

हाथरस जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में आज राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन जनपद न्यायाधीश विनय कुमार की अध्यक्षता में दीप प्रज्जवलित कर किया गया। इस अवसर पर जनपद न्यायालय के समस्त न्यायिक अधिकारीगण, जिला बार एसोसियेशन के अधिवक्तागण, बैंक अधिकारी/ कर्मचारी, वादकारीगण, कर्मचारीगण एवं पत्रकार बन्धु उपस्थित थे। वर्तमान वर्ष की इस प्रथम राष्ट्रीय लोक अदालत में विभिन्न प्रकृति के कुल 70970 वादों का निस्तारण किया गया, जिसमें 16 मोटर दुर्घटना प्रतिकर के वाद का निस्तारण कर 15154000/-रूपये प्रतिकर के रूप में दिलाये गये, 68 सिविल वादों, 17 पारिवारिक वाद, 580 विद्युत अधिनियम के वाद, 7 धारा 138 एनआई एक्ट के वाद, 33507 राजस्व वाद, 9 वाद जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग एवं 6731 लघु आपराधिक वादों का निस्तारण कर मु. 569000/-रू. अर्थदण्ड के रूप में वसूल किये गये। इसके अतिरिक्त प्रिलिटीगेेशन स्तर पर बैंक के कुल 22501 मामलों का निस्तारण कर मु. 110533387/रू. में समझौता दाखिल किया गया व विद्युत के 7530 के मामले एवं 4 वादों का निस्तारण स्थायी लोक अदालत के माध्यम से किया गया।
जनपद न्यायाधीश विनय कुमार के न्यायालय से 5 फौजदारी वादों का निस्तारण कर 39500/रूपये अर्थदण्ड के रूप में वसूल किये गये।
प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय बाबूराम के न्यायालय से कुल 17 पारिवारिक वादों का निस्तारण किया गया। जिनमें 9 जोडेघ् साथ-साथ राजी खुशी से अपने घर गये। पीठासीन अधिकारी मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण मीनू शर्मा, के न्यायालय से 16 मोटर दुर्घटना प्रतिकर के वादों का निस्तारण कर 15154000/रू प्रतिकर के रूप में दिलाये गये। अध्यक्ष स्थायी लोक अदालत राजेश कुमार के न्यायालय से 4 वादों का निस्तारण किया गया। अध्यक्ष जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग राकेश कुमार-चतुर्थ, के न्यायालय से 9 वादों का निस्तारण कर 5434109/रूपये दिलाये गये।
अपर जनपद न्यायाधीश कक्ष संख्या-1 महेन्द्र श्रीवास्तव के न्यायालय से 2 सिविल वादों एवं 2 फौजदारी वादों का निस्तारण कर 1000/रू. अर्थदण्ड के रूप में वसूल किये गये। विशेष न्यायाधीश (एस.सी./एस.टी. अधि.) संगीता शर्मा के न्यायालय से 3 फौजदारी वादों का निस्तारण कर 1000/रू. अर्थदण्ड के रूप में वसूल किये गये।
विशेष न्यायाधीश पोक्सो अधिनियम कोर्ट सं.-1 चित्रा शर्मा, के न्यायालय से 7 फौजदारी वादों का निस्तारण कर 3500/रू अर्थदण्ड के रूप में वसूल किये गये। अपर जनपद न्यायाधीश कोर्ट संख्या-3 हर्ष अग्रवाल के न्यायालय से 3 फौजदारी वाद का निस्तारण कर 1500/रूपये अर्थदण्ड के रूप में वसूल किये गये। अपर जनपद न्यायाधीश कक्ष संख्या-4 निर्भय नारायण राय के न्यायालय से 1 सिविल वाद एवं 1 फौजदारी वाद का निस्तारण कर 500/रू.अर्थदण्ड के रूप में वसूल किये गये। अपर जनपद न्यायाधीश, कक्ष संख्या-5 विजय कुमार के न्यायालय से 1 सिविल वाद एवं 580 विद्युत अधिनियम के वादों का निस्तारण किया गया। अपर जनपद न्यायाधीश कक्ष संख्या-6 शैलेन्द्र सिंह व अपर जनपद न्यायाधीश कक्ष संख्या-2 माधवी सिंह के न्यायालय से उपस्थित थीं।
अपर जनपद न्यायाधीश एफटीसी, कोर्ट संख्या-1 महेन्द्र रावत के न्यायालय से 2 फौजदारी वादों का निस्तारण कर 11000/रूपये अर्थदण्ड के रूप में वसूल किये गये। अपर जनपद न्यायाधीश एफटीसी, कोर्ट संख्या-2 प्रशान्त कुमार, के न्यायालय से 1 सिविल वाद का निस्तारण किया गया। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट जयहिन्द कुमार सिंह के न्यायालय से 1 वाद धारा 138 एन.आई. एक्ट व 2679 लघु आपराधिक वादों का निस्तारण कर 371040/रूपये अर्थदण्ड के रूप में वसूल किये गये। सिविल जज (वप्र), आकांक्षा गर्ग के न्यायालय से 37 सिविल वादों का निस्तारण किया गया। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट दीपकनाथ सरस्वती के न्यायालय से 2176 लघु आपराधिक वादों का निस्तारण कर मु. 42280/-रूपये अर्थदण्ड के रूप में वसूल किये गये। सिविल जज (कप्र) हर्षिका रस्तोगी, के न्यायालय से 15 सिविल वादों का निस्तारण किया गया। न्यायिक मजिस्ट्रेट खुशबू चन्द्रा के न्यायालय से 5 वाद धारा 138 एन.आई. एक्ट एवं 500 लघु आपराधिक वादों का निस्तारण कर 57020/रू. अर्थदण्ड के रूप में वसूल किये गये।
अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, सादाबाद आशीष थिरानियाॅ के न्यायालय से 325 लघु आपराधिक वादों का निस्तारण कर मु. 3000/-रूपये अर्थदण्ड के रूप में वसूल किये गये। सिविल जज (कप्र)/न्यायिकमजिस्ट्रेट सिकन्द्राराऊ दीपा सैनी के न्यायालय से 7 सिविल वादों एवं 806 लघु आपराधिक वादों का निस्तारण कर 9020/रु. अर्थदण्ड के रूप में वसूल किये गये। न्यायिक मजिस्ट्रेट आँचल चन्देल के न्यायालय से 4 सिविल वादों व 1 वाद धारा 138 एन.आई. एक्ट एवं 212 लघु आपराधिक वादों का निस्तारण कर 17640/रू. अर्थदण्ड के रूप में वसूल किये गये। अपर सिविल जज (कप्र) शिव कुमार यादव, के न्यायालय से 10 लघु आपराधिक वादों का निस्तारण किया गया। उप जिलाधिकारी सदर के न्यायालय से 1924 लघु आपराधिक वादों एवं अन्य मामलों का निस्तारण किया गया। उपजिलाधिकारी के न्यायालय से 472 लघु आपराधिक वादों एवं अन्य मामलों का निस्तारण किया गया। उपजिलाधिकारी सिकन्द्राराऊ के न्यायालय से 1106 लघु आपराधिक वादों एवं अन्य मामलों का निस्तारण किया गया। उपजिलाधिकारी सासनी के न्यायालय से 1116 लघु आपराधिक वादों एवं अन्य मामलों का निस्तारण किया गया। तहसीलदार के न्यायालय से 5867 राजस्व वादों एवं अन्य मामलों का निस्तारण किया गया। तहसीलदार सासनी के न्यायालय से 5442 राजस्व वादों एवं अन्य मामलों का निस्तारण किया गया। तहसीलदार सादाबाद के न्यायालय से 4719 राजस्व वादों एवं अन्य मामलों का निस्तारण किया गया।तहसीलदार, सिकन्द्राराऊ, के न्यायालय से 5673 राजस्व वादों एवं अन्य मामलों का निस्तारण किया गया। ए.आई.जी. स्टाम्प के न्यायालय से 12 वादों का निस्तारण किया गया। जिला पंचायत राज अधिकारी के कार्यालय से 1275 मामलों का निस्तारण किया गया। जिला समाज कल्याण अधिकारी के कार्यालय से 1588 मामलों का निस्तारण किया गया। जिला पूर्ति अधिकारी के यहाॅ से 1890 मामलों का निस्तारण किया गया। नगर निकाय हाथरस के यहाॅ से 485 मामलों का निस्तारण किया गया।उप सम्भागीय परिवहन अधिकारी के यहाॅ से 1938 मामलों का निस्तारण किया गया।
इसके अतिरिक्त प्रिलिटीगेशन स्तर पर बैंकों के ऋण सम्बन्धी 551 मामलों का निस्तारण कर 110533387/रूपये अर्थदण्ड के रूप में वसूल किये एवं 21950 अन्य बैंक मामलों का निस्तारण किया गया। इसके अतिरिक्त विद्युत विभागों के प्रिलिटीगेशन स्तर के 7530 मामलों का निस्तारण किया गया। इस राष्ट्रीय लोक अदालत के अन्त में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव अनु चैधरी द्वारा सभी का आभार व्यक्त किया गया। वहीं परिवार न्यायालय से साथ-साथ रहने गये जोडे रोशनी-इमरान, चाॅदनी-आरिफ, अनीता -मौहर सिंह व विक्रम प्रिया-देवेश को साथ-साथ घर भेजा गया।

Dainik Lalsa
Author: Dainik Lalsa

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