कवियों ने दिखाए कविताओं में दिखाए होली के रंग, सासनी की बसंत विहार कॉलोनी में होली मिलन समरोह में कवियों ने बिखेरा जलवा


 कस्बा की बसंत विहार कॉलोनी में स्थित समाजसेवी राजेश शर्मा के आवास पर होली मिलन समारोह का आयोजन किया गया। जिसमें कवियों ने अपनी कविताओं से श्रोताओं का खूब मनोरंजन किया। कविता के कई रंग कवियों के संग देखने को मिले। वहीं गुजियों पापड़ चिप्स की महक के बीच रंग गुलाल से वातावरण और रंगीन हो गया।

अध्यक्ष द्वारा मां सरस्वती के छवि चित्र पर माल्यार्पण करने व दीप प्रज्वलित करने के बाद अशोक मिश्रा ने सरस्वती वंदना का सस्वर पाठ करने के बाद सुनाया-होली के त्यौहार में मस्ती है भरपूर ब्रजभाषा कवि अशोक अग्रवाल ने होली गीतों से वातावरण झंकृत कर दिया कवि वीरेन्द्र जैन नारद ने सुनाया-हर रात नया ख्वाब दिखाती हैं रोटियां इस हाथ से उस हाथ तक जाती हैं रोटियां एक अन्य कविता दुनिया एक तमाशा है कभी तोला है कभी माशा है।का पाठ कर श्रोताओं को मंत्र मुग्ध कर दिया । कवि शैलेश अवस्थी के गीतों ने भी खूब प्रशंसा पाई ।इसके बाद हास्य कवि वीरपाल सिंह वीर ने अपनी हास्य कविताओं से समा बांधा – कैसौ जमानौ आयौ हाय राम दैया,साली के आगे अपनी भूल जाय लुगैया। विष्णु शर्मा ने सुनाया छैल छबीलौ छल छंदौ प्यारौ घनश्याम खेलवे कू होरी बरसाने गांव आयौ है। मुरारी लाल मधुर ने सुनाया लंबी गर्दन पाय के ऊंट गयौ बगुदाय। इसके बाद कवि रविराज सिंह ने सुनाया -सदियों तक तुम सोते रहे अब तो जागो भाई अब भी नहीं जगे तो जग में होगी बहुत हंसाई। कवि राम निवास उपाध्याय ने सुनाया तकरीर ए मोहब्बत तकरार बन गई है आतंकियों की फितरत खूंखार बन गई है।इसके बाद कवि एमपी सिंह ने सुनाया – अभिशाप नहीं वरदान है बेटी बेटी घर की शान ,जिस घर में ना जन्म ले बेटी वो घर नर्क समान। सचिन पाठक ने सुनाया-आप आते रहें हम बुलाते रहें सिलसिला प्यार का यूं ही चलता रहे छू न पाए किसी को भी पतझड़ यहां मोहब्बत का गुलशन यूं खिलता रहे । इसके पश्चात गौरव शर्मा ने अपने भाव यूं काव्यबद्ध किए – यादों के खंडहर में अक्सर सपनों के महल बनाते हैं आंसू की सरगम पर हम तो गीत वफा के गाते हैं। इसके बाद रस परिवर्तन करते हुए राजेश कुमार शर्मा ने सुनाया – दिल के सूने साज पर कोई गीत न गाया जाएगा इन आंखों में आखिर कब तक दर्द छुपाया जाएगा। इसके बाद कवियों को अंग वस्त्र एवं पट्टिका पहना कर सम्मानित करने व अध्यक्षीय उद्बोधन के साथ ही कार्यक्रम का औपचारिक समापन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता साहित्यिक संस्था स्वर शायरी अलीगढ़ के संस्थापक अध्यक्ष कवि विनोद कुमार जैसवाल ने की। कार्यक्रम का संचालन महेन्द्र पाल सिंह ने किया।

sunil sharma
Author: sunil sharma

REPORTER SASNI

Leave a Comment