
हाथरस। चैपाल सागर महोत्सव के अंतर्गत आयोजित भव्य होली मिलन एंव कवि सम्मेलन को अमर शहीद चन्द्रशेखर आजाद की 95वीं पुण्यतिथि को समर्पित किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन राजेश (पीडीडीआरडीए) एवं पूर्व विधायक यशपाल सिंह चैहान व कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष चंद्रगुप्त विक्रमादित्य ने संयुक्त रूप से किया।
ब्रज कला केंद्र, राष्ट्रीय कवि संगम एवं संस्कार भारती के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम का शुभारंभ अमर शहीद चन्द्रशेखर आजाद के चित्र पर माल्यार्पण कर किया गया। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि नारायन गुंटूर, परवेज खान, प्रमोद जोशी (लखनऊ) सहित ब्रज कला केंद्र के अध्यक्ष चंद्रगुप्त विक्रमादित्य थे। कार्यक्रम का संचालन सुखबीर सिंह ने किया।

कार्यक्रम अध्यक्ष श्यामबाबू चिन्तन ने राधाकृष्ण वंदना से काव्य पाठ की शुरुआत की। कवि सम्मेलन का संचालन आशु कवि अनिल बौहरे ने ओजपूर्ण पंक्तियों से कियाकृहोली मिलन, याद करें शहीदों की कुर्बानी को,मिलकर कहें अमर आजाद की कहानी को। चेतन्य उपाध्याय ने ब्रज महिमा का गुणगान किया कृब्रज की माटी कौ कण कण प्रानन प्यारौ, ब्रज कौ घनश्याम मुरारी तीन लोक कौ रखबारौ। कवयित्री मीरा दीक्षित ने होली और आजाद की स्मृति को जोड़ते हुए कहा-होली मिलन भंग रंग गुलाल सुहाते हैं, चन्द्रशेखर आजाद बहुत याद आते हैं। कवयित्री सोनाली वाष्णेय ने सामाजिक समरसता का संदेश दिया-नफरत गुस्सा कूं दूर भगाऔ जी, मन के मैल की होरी जलाऔ जी।
पंडित हाथरसी ने ओजस्वी स्वर में आजाद की वीरता का वर्णन किया-चन्द्रशेखर आजाद पड़े थे अंग्रेजों पर भारी, जिंदा हाथ नहीं आये थे, खुद ही गोली मारी। इस अवसर पर चंद्रगुप्त विक्रमादित्य ने किसान, चन्द्रशेखर आजाद और होली की भावना को एक सूत्र में पिरोते हुए अपनी पंक्तियाँ प्रस्तुत कीं-खेती की मेड़ पे गूंजे आजादी का गान,किसान के पसीने में बसता हिंदुस्तान। होली का रंग हो या रण का बिगुल पुकार,आजाद की ज्वाला से जलता अत्याचार। धरती, शौर्य और प्रेम का यही है संदेश, किसान, आजाद, होली कृ तीनों भारत की शान विशेष। गाफिल स्वामी ने कहाकृमैं घुमंतू कवि, जहां भी जाता हूं,अमर शहीदों को प्रथम सर नवाता हूं।
कवि सम्मेलन का संयोजन ए.आर. शर्मा एवं जीवनलाल शर्मा ने किया। जबकि कार्यक्रम प्रबंधन में अनुराग शुक्ला, अनूप गुप्ता, सुखप्रीत सिंह सुक्खी एवं सोम दीक्षित का विशेष सहयोग रहा। कार्यक्रम में देशभक्ति, ब्रज संस्कृति और सामाजिक समरसता का अद्भुत संगम देखने को मिला। जनसमूह ने अमर शहीद चन्द्रशेखर आजाद को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।









