एसोसिएशन आॅफ डेमोक्रेटिक ह्यूमन राइट्स ने दिखाया देशभक्ति का जज्बाः30 जोड़ों ने किया रक्तदान

हाथरस-14 फरवरी। मानवता की यही पहचान हमारे रक्त से बचे जीवन अपार। एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक हृयूमन राइट्स (एडीएचआर)के तत्वावधान में आज पुलवामा में शहीद सैनिकों को समर्पित विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें रक्तदान जीवनदान महादान का मूल मंत्र रहा।
एडीएचआर के विशाल रक्तदान शिविर में रक्तदानियों ने बढ़ चढ़कर भाग लिया। इस मौके पर वरिष्ठ चिकित्सक डा.भरत यादव ने कहा कि आज का रक्तदान शिविर पुलवामा में शहीद सैनिकों को समर्पित है। रक्तदान महादान जीवनदान है, जो मौत से संघर्ष करते हुए व्यक्ति को जीवन दान देता है। एडीएचआर का यह कार्य रक्त की कमी से किसी व्यक्ति की जान ना जाए ईश्वरीय कार्य है।
राष्ट्रीय महासचिव प्रवीन वाष्र्णेय ने कहा कि यह समय सनातन संस्कृति के उन्नयन का समय है। पाश्चात्य संस्कृति केवल एक दिन को विशेष बनाने के लिए होती है, लेकिन सनातन संस्कृति हर पल प्यार और मानवता के लिए प्रेरित करती है। राष्ट्रीय प्रवक्ता देवेन्द्र गोयल ने कहा कि एक यूनिट रक्त चार लोगों की जान बचाता है।ईश्वर द्बारा दिये जीवन को बचाने का कार्य करता है रक्तदानी।
जिलाध्यक्ष कमलकांत दोबरावाल ने बताया कि आज हम उन सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं जिन्होंने पुलवामा अटैक में अपने देश की सुरक्षा में जीवन को न्यौछावर कर दिया।महिला प्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष सोनल अग्रवाल ने कहा कि वीर जवान सैनिकों का ऋण हम जिंदगी भर नहीं उतार सकते। आइए उन शहीदों के बलिदान को याद कर उनको नमन करें।
इस अवसर पर रक्तदानियों में विशेष उत्साह देखा गया और 30 रक्तदानियों ने रक्तदान कर दूसरों को जीवन बचाने के लिए अपने अपने दायित्वों को निर्वहन किया। आज के रक्तदान शिविर में पति-पत्नी, प्रेमी युगल, भाई-भाई, दोस्त दोस्त, पिता पुत्र, मां पुत्री, सभी सामाजिक लोग व पत्रकार साथियों ने रक्तदान कर आज के इस मानवता के महाकुंभ को सफल बनाने में सहयोग किया।
विशाल रक्तदान शिविर को सफल बनाने में राजीव अग्निहोत्री, जिला महासचिव शैलेन्द्र साँवलिया, बालप्रकाश वाष्र्णेय, इन्द्रेश चैधरी, राजेश वाष्र्णेय, कौशल किशोर गुप्ता, आयुष अग्रवाल, अमन बंसल, जितिन तरैटिया, संदीप गुप्ता, श्याम वाष्र्णेय, राम वाष्र्णेय, पुनीत अग्रवाल, उपवेश कौशिक , राकेश अग्रवाल, कविता गोयल, प्रेमवदा गर्ग, प्रभा वाष्र्णेय आदि का सराहनीय योगदान रहा।









