कांवडियों की सुरक्षित व सफल कांवड़ यात्रा हेतु क्या करें, क्या न करें

हाथरस-14 फरवरी। महाशिवरात्रि पर्व पर भगवान भोलेनाथ के जलाभिषेक के लिए गंगा घाटों से कांवड़ लेकर आ रहे कांवड़ यात्रियों की सेवा सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रभारी अधिकारी आपदा ने अवगत कराया है कि कांवडियों की कांवड़ यात्रा को सुरक्षित और सफल कैसे बनायें, इस संबन्ध में क्या करें।
उन्होंने कहा है कि 15 फरवरी दिन रविवार को शिवरात्रि का महापर्व का दिन है।हर वर्ष की भॉति एक दिन पहले कांवडियों की कांवड़ यात्रा के दौरान शहर के रोडों पर और शहर की गलियों में काफी भीड़ दिखाई देती है। इस संबन्ध में कांवडियों की सुरक्षित, कांवड़ यात्रा के दौरान कुछ बातों को घ्यान रखने के उद्देश्य से जिला आपदा विशेषज्ञ द्वारा जनपद की समस्त जनता-आम-जनमानस से अपील की है कि कांवड़ यात्रा के दौरान कुछ बातों का अवश्य घ्यान रखें जैसे कि साइकिल सवार और पैदल चलने वाले लोग एवं मोटर साइकिल पर चलने वाले लोग कांवड़ यात्रा से दूरी बनाकर धीमी गति से चलें। कांवड़ यात्रा के दौरान सेवक व अन्य सभी लोग, उनके खाने पीने के स्टाल पर साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें। इस यात्रा के दौरान भक्तों को आराम देने के लिए बनाये गये विश्राम स्थलो के आस-पास लाइटिंग आदि का विशेष ध्यान रखें। बड़े वाहन जैसे- कार, ट्रक, डम्फर आदि वाहनों को धीमी गति से ही चलाऐं अथवा वाहन को दूसरे रास्ते के डाइवर्ट रुट से ही ले जाऐं, यदि संम्भव हो तो भारी वाहनो को एक दिन के लिऐ रोड डाइवर्ट करने की कोशिश करें।
उन्होंने कहा है कि कांवड़ यात्रियों को आवश्यकतानुसार चिकित्सा सुविधा भी अवश्य उपलब्ध करायें और कांवड़ यात्रा को सफल बनाये जाने हेतु कांवडियों की हर संभव मदद करें। विशेष आवश्यकता हेतु जिला आपदा नियंत्रण कक्ष एवं नजदीकी थाने/अस्पताल से संपर्क कर सकते है। किसी कारणवश यदि किसी भी प्रकार की कोई अप्रिय घटना घटित हो भी जाती है तो मेडिकल इमरजेंसी के लिए 108 तथा एंबुलेंस के लिए 102 और फायर इमरजेंसी के लिए 101, और चिकित्सा विभाग को दूरभाष न. पर 05722-270860 व जिला कन्ट्रोल रुम नं. 05722-227042, अन्य किसी प्रकार की सहायता के लिए 112 पर कॉल अवश्य करें।हाथरस-14 फरवरी। महाशिवरात्रि पर्व पर भगवान भोलेनाथ के जलाभिषेक के लिए गंगा घाटों से कांवड़ लेकर आ रहे कांवड़ यात्रियों की सेवा सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रभारी अधिकारी आपदा ने अवगत कराया है कि कांवडियों की कांवड़ यात्रा को सुरक्षित और सफल कैसे बनायें, इस संबन्ध में क्या करें।
उन्होंने कहा है कि 15 फरवरी दिन रविवार को शिवरात्रि का महापर्व का दिन है।हर वर्ष की भॉति एक दिन पहले कांवडियों की कांवड़ यात्रा के दौरान शहर के रोडों पर और शहर की गलियों में काफी भीड़ दिखाई देती है। इस संबन्ध में कांवडियों की सुरक्षित, कांवड़ यात्रा के दौरान कुछ बातों को घ्यान रखने के उद्देश्य से जिला आपदा विशेषज्ञ द्वारा जनपद की समस्त जनता-आम-जनमानस से अपील की है कि कांवड़ यात्रा के दौरान कुछ बातों का अवश्य घ्यान रखें जैसे कि साइकिल सवार और पैदल चलने वाले लोग एवं मोटर साइकिल पर चलने वाले लोग कांवड़ यात्रा से दूरी बनाकर धीमी गति से चलें। कांवड़ यात्रा के दौरान सेवक व अन्य सभी लोग, उनके खाने पीने के स्टाल पर साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें। इस यात्रा के दौरान भक्तों को आराम देने के लिए बनाये गये विश्राम स्थलो के आस-पास लाइटिंग आदि का विशेष ध्यान रखें। बड़े वाहन जैसे- कार, ट्रक, डम्फर आदि वाहनों को धीमी गति से ही चलाऐं अथवा वाहन को दूसरे रास्ते के डाइवर्ट रुट से ही ले जाऐं, यदि संम्भव हो तो भारी वाहनो को एक दिन के लिऐ रोड डाइवर्ट करने की कोशिश करें।
उन्होंने कहा है कि कांवड़ यात्रियों को आवश्यकतानुसार चिकित्सा सुविधा भी अवश्य उपलब्ध करायें और कांवड़ यात्रा को सफल बनाये जाने हेतु कांवडियों की हर संभव मदद करें। विशेष आवश्यकता हेतु जिला आपदा नियंत्रण कक्ष एवं नजदीकी थाने/अस्पताल से संपर्क कर सकते है। किसी कारणवश यदि किसी भी प्रकार की कोई अप्रिय घटना घटित हो भी जाती है तो मेडिकल इमरजेंसी के लिए 108 तथा एंबुलेंस के लिए 102 और फायर इमरजेंसी के लिए 101, और चिकित्सा विभाग को दूरभाष न. पर 05722-270860 व जिला कन्ट्रोल रुम नं. 05722-227042, अन्य किसी प्रकार की सहायता के लिए 112 पर कॉल अवश्य करें।

Dainik Lalsa
Author: Dainik Lalsa

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