
हाथरस। बीती रात्रि को लगभग 10.30 बजे सासनी पुलिस द्वारा कांग्रेस जिलाध्यक्ष विवेक उपाध्याय को बिना किसी लिखित आदेश, नोटिस अथवा कारण बताए हाउस अरेस्ट किया गया, जो कि भारतीय संविधान द्वारा प्रदत्त मौलिक अधिकारों का स्पष्ट उल्लंघन है।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष विवेक उपाध्याय ने कहा है कि उक्त कार्यवाही केवल इसलिए की गई, क्योंकि दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास के घेराव हेतु शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक कार्यक्रम प्रस्तावित था। यह कार्यवाही भारतीय संविधान के अनुच्छेद 19(1) एवं 19(1)(इ) (अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता एवं शांतिपूर्ण सभा का अधिकार) तथा अनुच्छेद 21 (व्यक्तिगत स्वतंत्रता) का प्रत्यक्ष हनन है। बिना किसी आपात स्थिति, निषेधाज्ञा के वैध आदेश अथवा सक्षम न्यायिक अनुमति के किसी जनप्रतिनिधि को घर में नजरबंद करना कानूनन असंवैधानिक, मनमाना एवं दमनकारी कदम है। यह दर्शाता है कि भाजपा सरकार लोकतांत्रिक असहमति को बलपूर्वक कुचलने का प्रयास कर रही है।
उन्होंने कहा है कि कांग्रेस पार्टी यह स्पष्ट करती है कि इस प्रकार की अवैध कार्यवाही के लिए जिम्मेदार पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों की व्यक्तिगत जवाबदेही तय की जानी चाहिए तथा भविष्य में ऐसी किसी भी कार्यवाही को न्यायालय में चुनौती दी जाएगी। कांग्रेस पार्टी संविधान, लोकतंत्र और नागरिक स्वतंत्रताओं की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और किसी भी परिस्थिति में दमन, गिरफ्तारी या हाउस अरेस्ट से पीछे हटने वाली नहीं है। संवैधानिक संघर्ष जारी रहेगा।









