
हाथरस- 31 जनवरी। आगरा रोड स्थित श्री राधाकृष्ण कृपा भवन के सभागार में उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस मनाया गया।कार्यक्रम का शुभारंभ प्रभु हनुमान जी महाराज के हनुमान चालीसा पाठ प्रसादी और आरती से हुआ।।
वक्ताओं ने कहा कि संयुक्त प्रांत को उत्तर प्रदेश का दर्जा संविधान लागू होने से दो दिन पूर्व मिला। उत्तर प्रदेश देश में सर्वाधिक जनसंख्या का प्रांत होते हुए भी निरन्तर विकास के नये आयाम स्थापित करता रहा है। ज्ञान,विज्ञान,कृषि, व्यापार, उद्योग,खेल,परिवहन प्रत्येक क्षेत्र में उत्तर प्रदेश का विकास हमको गौरवान्वित करता है।।
वक्ताओं में मुख्य वक्ता पं. संतोष राम मुखिया जी ने प्रवचन देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश केवल भौगोलिक इकाई नहीं, बल्कि भारत की आत्मा है।यह भूमि ऋषि-मुनियों, संतों, वीरों और महापुरुषों की तपस्या से पावन रही है।यहाँ की सांस्कृतिक चेतना ही देश को दिशा देने का कार्य करती आई है।आज आवश्यकता है कि हम अपनी विरासत को समझते हुए समरसता और राष्ट्र निर्माण में सहभागी बनें।।
कार्यक्रम में जमुना प्रसाद शर्मा,श्याम बाबू चिंतन,डा.विनोद पाठक, वीना गुप्ता एड., हरीशंकर वर्मा, अविनाश पचौरी, जयशंकर पाराशर, अविनाश पचौरी,रिषी कौशिक आदि थे। संस्था के अध्यक्ष चन्द्रगुप्त विक्रमादित्य ने कहा कि उत्तर प्रदेश की शक्ति उसकी विविधता और एकता में निहित है।
स्थापना दिवस हमें अपने कर्तव्यों का स्मरण कराते हुए प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए संकल्प लेने का अवसर देता है। एवं काव्य पाठ करते हुए कहा हम सबको मिलकर संस्कृति, सेवा और संवेदनशीलता को आगे बढ़ाना होगा।यही उत्तर प्रदेश की असली पहचान और भविष्य की मजबूत नींव है।संचालन राष्ट्रीय सचिव आशु कवि अनिल बौहरे ने किया। अध्यक्षीय उद्बोधन दिलीप पोद्दार अध्यक्ष अपना घर ने दिया।
व्यवस्था कपिल नरूला, संतोष उपाध्याय, पीयूष अग्निहोत्री द्वारा की गई।









