

हाथरस-13 जनवरी। श्री अग्रवाल सभा द्वारा श्री गिर्राज जी महाराज जी की अन्नकूट प्रसादी का भव्य एवं विशाल आयोजन अग्रवाल धर्मशाला चावङ गेट पर अत्यंत श्रद्धा एवं उत्साह के साथ आयोजित किया गया। अन्नकूट महोत्सव में अग्र बन्धुओं की भारी भीड़ मौजूद थी।। कार्यक्रम में सर्वप्रथम श्री श्रीनाथ महाराज जी की छवि एवं महाराजा श्री अग्रसेन जी की विशालकाय मूर्ति पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ पूजा अर्चना व आरती के उपरांत प्रसादी का शुभारंभ हुआ।

श्रीनाथजी की मनमोहक व आकर्षक झांकी ने सम्पूर्ण प्रसादी उत्सव को और भी भव्यता प्रदान की।प्रसादी कार्यक्रम मे मुख्य रूप में लोकसभा क्षेत्र के सांसद अनूप प्रधान, पूर्व सांसद राजेश दिवाकर, नगर पालिका परिषद की अध्यक्ष श्रीमती श्वेता चौधरी तथा भाजपा जिलाध्यक्ष प्रेम सिंह कुशवाहा , पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष गौरव आर्य, नगर भाजपा अध्यक्ष मूलचंद वार्ष्णेय, सांसद प्रतिनिधि ठा.राजेश सिंह गुड्डू , संघ के स्वयं सेवक रामहरि चाहर, भाजपा जिला उपाध्यक्ष बृजेश चौहान सहित प्रमुख जन उपस्थित थे।

इस मौके पर श्री अग्रवाल सभा की ओर से दिलीप पोद्दार एडवोकेट, सभा के अध्यक्ष श्याम बिहारी अग्रवाल, कोषाध्यक्ष मनोज अग्रवाल किराने वाले, महामंत्री विनोद अग्रवाल एडवोकेट, वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजेश अग्रवाल सर्राफ, कनिष्ठ उपाध्यक्ष विकास गर्ग, मंत्री लोकेश अग्रवाल हींग वाले, संयुक्त मंत्री रामकुमार अग्रवाल फाॅल वाले, मीडिया प्रभारी लोकेश अग्रवाल दाल वाले, वरिष्ठ अधिवक्ता राम अवतार अग्रवाल, अशोक अग्रवाल बीड़ी वाले, राजेश तायल, मनीष अग्रवाल पीपा, शरद अग्रवाल डिब्बा वाले, बुद्धसेन आर्य, दिनेशचंद्र सेकसरिया, सतीशचंद्र गोयल, राकेश बंसल हींग वाले, रासबिहारी रंग वाले ,संजय टालीवाल सुरेश अग्रवाल बर्तन वाले, ऋषि बंसल, दीपू कनोडिया, अनुज अग्रवाल सीए, मनीष टालीवाल, राहुल अग्रवाल ,सुमित अग्रवाल, संजय अग्रवाल (नगर पालिका), मनोज अग्रवाल राया वाले, सीए गिरधर गोपाल, मनोज बूटिया, अमित अग्रवाल रंग वाले, कपिल अग्रवाल, अनूप अग्रवाल उदय, विपुल सिंघानिया, मोहन सिंघल बैग वाले, अजय अग्रवाल घी वाले,कृष्ण गोपाल, नरेंद्र बंसल, बृजेश गोयल, गौरव अग्रवाल, श्याम अग्रवाल, प्रदीप बंसल, विक्रम अग्रवाल, वंशित अग्रवाल, दिलीप गोयल,हर्ष मित्तल,दीपेश अग्रवाल सर्राफ,संजय टालीवाल सहित सभा के अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकारिणी सदस्य उपस्थित थे।कार्यक्रम में एक हजार से अधिक अग्रबंधुओं ने सहभागिता कर अन्नकूट प्रसादी ग्रहण की तथा आयोजन पूर्णतः धार्मिक, सांस्कृतिक एवं सामाजिक समरसता का प्रतीक रहा।









