ब्रज की पावन देहरी पर उतरेगा संस्कृति और श्रद्धा का विराट संगम

हाथरस ब्रज की द्वार-देहरी कही जाने वाली हाथरस की पावन धरा पर चैत्र शुक्ल प्रतिपदा 19 मार्च गुरुवार को ब्राह्मण महासभा के तत्वावधान में भगवान परशुराम की भव्य रथयात्रा निकलने जा रही है। नवरात्रि के प्रथम दिन निकलने वाली यह शोभायात्रा इस बार केवल धार्मिक आयोजन ही नहीं, बल्कि देश की विविध संस्कृतियों और परंपराओं का जीवंत संगम बनकर सामने आएगी।
रथयात्रा में ब्रज संस्कृति की झलकियां, श्रद्धालुओं को भावविभोर करेंगी। विशेष आकर्षण के रूप में गिरिराज महाराज की मनोहारी झांकी सजाई जाएगी, जिसमें उनके भक्त ब्रज संत पंडित गयाप्रसाद जी की झांकी के साथ छप्पन भोग की अलौकिक प्रस्तुति होगी। इसके आगे वृन्दावन से गौड़िया मठ की भजन-कीर्तन करती मंडली श्रद्धालुओं को भक्ति रस में सराबोर कर देगी और पूरा वातावरण जय परशुराम,जय श्रीराम व हरि बोल के जयघोष से गुंजायमान हो उठेगा। शोभायात्रा में सनातन परंपरा का एक और अद्भुत दृश्य तब देखने को मिलेगा, जब वाराणसी के बटुक भगवान परशुराम के रथ के आगे शंखनाद करते हुए सनातन धर्म का आह्वान करेंगे।देश की विविध संस्कृतियों को दर्शाने के लिए अलग-अलग प्रदेशों की झांकियां भी विशेष आकर्षण बनेंगी। जैसे कि पंजाब की झलक गिददा, भांगडा और पाइप बैंड की प्रस्तुतियों के माध्यम से दिखाई देगी, जो उत्सव का वातावरण बनाएंगी। वहीं वैष्णो देवी मंदिर पर आधारित रोड शो जम्मू और कश्मीर की धार्मिक आस्था और संस्कृति को जीवंत रूप में प्रस्तुत करेगा।
इसके अलावा दिल्ली, राजस्थान और गुजरात की झांकिया भी वहां की लोक संस्कृति, परंपरा और सभ्यता का मनोहारी परिचय देगी।रथयात्रा में कई अनोखे व अद्भुत आकर्षण होंगे। मुम्बई के प्रसिद्ध लाल बाग के राजा गणेश जी, बाहुबली हनुमान जी, शिव ताण्डव, औघड नाथ की झॉकी, शिवजी की बारात, खाटू श्याम जी के दर्शनों के साथ- साथ नौ काली और अठारह भैरव का भव्य प्रदर्शन होगा, जो कोलकाता, पश्चिम बंगाल की शक्ति पूजा और धार्मिक परपराओं का जीवंत दृश्य प्रस्तुत करेगा। गिर्राज जी की 56 भोग की झांकी में गिर्राज जी की छवि गाय के गोबर से निर्मित होगी।
विशाल रथयात्रा महोत्सव में इसके साथ ही गणतंत्र दिवस की परेड में शामिल होने वाला देश का प्रसिद्ध जिया बैंड के साथ-साथ अन्य प्रदेशों के मशहूर बैण्ड भी इस रथयात्रा में अपनी प्रस्तुति देगा। देशभक्ति से ओतप्रोत धुनों के साथ-साथ यह बैंड फिल्मी दुनिया की मधुर यादों को भी ताजा करेगा, जिससे श्रद्धालुओं और दर्शकों में उत्साह का संचार होगा।
आयोजकों का कहना है कि यह रथयात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति, राष्ट्रीय एकता और भारतीय विविधता का अद्भुत उत्सव होगी। ब्राहमण महासभा ने विशेष रूप से विप्र समाज से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में परिवार सहित इस ऐतिहासिक रथयात्रा में शामिल होकर भगवान परशुराम के चरणों में अपनी श्रद्धा अर्पित करें और ब्रजभूमि हाथरस की इस गौरवपूर्ण परंपरा के साक्षी बनें।
19 मार्च को निकलने वाली यह भव्य रथयात्रा निश्चित रूप से श्रद्धा, संस्कृति और सनातन गौरव का ऐसा दृश्य प्रस्तुत करेगी, जिसे देखने के लिए पूरा शहर उमडेगा और इतिहास के पन्नों में यह आयोजन स्वर्णाक्षरों में दर्ज होगा। इस बार श्रद्धालुओं के भक्ति भाव को दृष्टिगत रखते हुए शहर के चार प्रमुख चैराहों पर सांस्कृतिक कार्यक्रम भी शोभायात्रा के प्रारम्भ से लेकर समापन तक संचालित होते रहेंगे।
प्रेस वार्ता के अवसर पर ब्राह्मण महासभा अध्यक्ष अध्यक्ष योगेन्द्र शर्मा योगा पण्डित, उपाध्यक्ष बालकिशन शर्मा बालो गुरू, शम्भूनाथ पुरोहित, विशाल सारस्वत (गारमेन्ट्स), सुमित शर्मा (लहरा), राकेश शर्मा, अनिल शर्मा,
संयोजक नरेन्द्र तिवारी, अधीर पचैरी, संतोष शर्मा, अंकित शर्मा, अरविन्द वशिष्ठ, अभिषेक शर्मा, डा. ललित शर्मा, महामंत्री जय शर्मा, कोषाध्यक्ष तरूण शर्मा, विशेष सलाहाकार कृष्ण बिहारी शर्मा, करन शर्मा, मंत्री देवेन्द्र मोहन शर्मा, दीपक शर्मा ट्रांसपोर्ट, विवेक उपाध्याय, कुलदीप वशिष्ठ, सौरभ शर्मा, विपुल गौड, गोपाल शर्मा, सहमंत्री गौरव शर्मा, विकास भारद्वाज, विष्णु सारस्वत, अनुराग दीक्षित, मीडिया प्रभारी संजय शर्मा, गोपाल कृष्ण शर्मा, आर्यवर्त पुरोहित, सह संयोजक गौरव रावत, धीरेन्द्र पाठक, दीपक भारद्वाज, शिवम् शर्मा, कार्यालय प्रभारी मयंक शर्मा, गोविंद शर्मा, प्रतीक शर्मा, उदित शर्मा, शानू शर्मा, मार्गदर्शक मण्डल संजय शर्मा (बीबीसीएन), बौ. प्रशान्त शर्मा, श्यामसुन्दर शर्मा, प्रवीन कौशिक, ललित शर्मा (लब्बू पंडित) राजेन्द्र नाथ चतुर्वेदी तथा मेला निदेशक व फोकस ग्रुप के डायरेक्टर डा. विकास कुमार शर्मा उपस्थित थे।









