खामेनेई की मौत पर भारत में आक्रोश, सड़कों पर अमेरिका इजराइल के खिलाफ गूंजे नारे

 

नई दिल्ली ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामेनेई के निधन के बाद देशभर में बड़े पैमाने पर शोक सभाएं और विरोध प्रदर्शन हुए, जिनमें शिया समुदाय के लोग शोक और आक्रोश व्यक्त करने के लिए सड़कों पर उतर आए। अखिल भारतीय शिया परिषद ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या के विरोध में प्रदर्शन किया और अमेरिका तथा इजराइल के खिलाफ नारे लगाए। जम्मू और कश्मीर में भी इसी तरह के प्रदर्शन देखने को मिले, जहां पुरुष, महिलाएं और बच्चे सड़कों पर इकट्ठा हुए और अमेरिका तथा इजराइल के हमले की निंदा की।
श्रीनगर में संयुक्त राष्ट्र सैन्य पर्यवेक्षक समूह (न्छडव्ळप्च्) के मुख्यालय के बाहर भी प्रदर्शन हुए। प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहे, जिनमें प्रतिभागियों ने खामेनेई की तस्वीरें और ईरान के समर्थन में बैनर लिए हुए थे। श्रीनगर की सड़कों पर काले झंडे, अयातुल्ला के चित्र और पारंपरिक शोक गीत (नौहा) गाए गए। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के पुराने इलाकों में भी बड़ी संख्या में लोग विरोध प्रदर्शन करने के लिए सड़कों पर उतर आए। ऑल इंडिया शिया मजलिस-ए-उलेमा-वा-जाकिरीन के निसार हुसैन हैदर आगा ने अमेरिका और इजराइल के हमले की निंदा की।
उन्होंने कहा, “ईरान पर 30 से अधिक बम गिराए जाने के बाद हमें अयातुल्ला अली खामेनेई के निधन की सूचना मिली। हम इस कृत्य की कड़ी निंदा करते हैं। इस हमले के खिलाफ दुनिया भर में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं।” इस बीच, पाकिस्तान में कुछ इलाकों में प्रदर्शन हिंसक हो गए। खबरों के अनुसार, स्कार्दू में हजारों लोग जमा हुए, जहां संयुक्त राष्ट्र कार्यालय में आग लगा दी गई। कराची में, आक्रोशित प्रदर्शनकारियों ने अमेरिकी वाणिज्य दूतावास पर धावा बोल दिया, जिससे पाकिस्तानी सुरक्षा बलों के साथ झड़पें हुईं। रिपोर्टों के अनुसार, वाणिज्य दूतावास के बाहर प्रदर्शनकारियों पर सैनिकों द्वारा गोली चलाने के बाद 10 से अधिक लोग मारे गए। प्रेस टीवी के अनुसार, प्रदर्शनकारियों द्वारा अमेरिका और इजराइल की आक्रामकता करार दिए जाने के बाद बढ़े तनाव के बीच पाकिस्तानी सेना प्रदर्शनकारियों का सामना करती नजर आई।

Dainik Lalsa
Author: Dainik Lalsa

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