फर्जी आवंटन मामले में पूर्व में भी जा चुका है जेलःपूर्व में तहसील
में तकनीकी मैंन पावर कंप्यूटर आॅपरेटर के पद पर था तैनात

सिकंद्राराऊ एग्री-स्टैक फार्मर रजिस्ट्री के नाम पर सरकारी धन की ठगी करने वाले गिरोह के मास्टरमाइंड को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है जबकि उसका भतीजा मौके से भाग जाने में सफल रहा। कोतवाली में राजस्व विभाग की शिकायत पर धोखाधड़ी समेत गंभीर धाराओं में मुकद्दमा दर्ज किया गया है।
बताया जाता है कि कस्बा के मौहल्ला दमदपुरा में एक मकान में कुछ लोग कृषि विभाग के सर्वेयर की फर्जी लॉगिन आईडी बनाकर फर्जी तरीके से फार्मर रजिस्ट्री का काम कर रहे थे। ये लोग सरकारी कर्मचारियों के भुगतान का पैसा अपने खातों में ट्रांसफर कर रहे थे। जिसकी सूचना उपजिलाधिकारी संजय कुमार को मिली थी। सूचना के आधार पर जनपद स्तर से कृषि विभाग की टीम गठित कर छापेमारी की गई। टीम जब मौके पर पहुंची तो दलवीर सिंह पुत्र जयपाल सिंह निवासी मौहल्ला दमदपुरा कार्य करता मिला। हालांकि उसका भतीजा नवनीत पुलिस को देखकर भाग जाने में सफल रहा। कमरे की तलाशी के दौरान कमरे से एक लैपटॉप, कंप्यूटर और भारी मात्रा में सरकारी दस्तावेज बरामद हुए।
पुलिस के अनुसार मौके से 55 आधार कार्ड की फोटोकॉपी, 38 बैंक पासबुक, 28 खतौनी, 19 घरोनी, 15 बैनामों की प्रतियां, लेखपाल रजिस्टर, बैंक डिस्चार्ज पत्र, एसडीएम व तहसीलदार कोर्ट के आदेश और आईडी-पासवर्ड लिखी एक डायरी भी मिली है। इससे साफ हुआ कि आरोपी फर्जी आईडी बनाकर सरकारी भुगतान अपने खातों में ले रहे थे।
राजस्व निरीक्षक यासीन खान की तहरीर पर दोनों चाचा-भतीजे के खिलाफ मुकद्दमा दर्ज कराया गया है। एसडीएम संजय कुमार ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ की जा रही है और फरार युवक की तलाश में पुलिस टीमें जुट गई हैं।
पूर्व में भी फर्जी आवंटन में जेल भी जा चुका है मास्टरमाइंड दलवीर
पूर्व में मास्टरमाइंड दलवीर तहसील में संविदा पर तकनीकी में मैन पावर कंप्यूटर ऑपरेटर के पद पर तैनात था। इस दौरान आरोपी द्वारा 3 गांवों के 23 किसानों के नाम खेल चारागाह की 185 बीघा जमीन का फर्जी आवंटन किया गया था। आरोपी के खिलाफ कोतवाली में राजस्व निरीक्षक ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भी भेजा था। बताया भी जाता है कि आरोपी दलवीर अपने आप में बहुत बड़ा मास्टरमाइंड है।









