जरूरतमंद डा.मनीष पचौरी के लिए एडीएचआर ने उपलब्ध कराया दुर्लभ रक्त समूह का रक्त
हाथरस। रक्तदान को महादान कहा जाता है और जब रक्त का समूह दुर्लभ हो, तब एक रक्तदाता की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। शहर के प्रमुख समाजसेवी एवं श्री ब्राह्मण महासभा के पूर्व अध्यक्ष व पूर्व दंगल संयोजक श्याम सुंदर शर्मा बंटी भैया ऐसे ही रक्तदाता हैं, जो जरूरत पड़ने पर अपना रक्तदान कर लोगों के जीवन को बचाने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। उन्होंने एक बार फिर एबी नेगेटिव रक्तदान कर एक जरूरतमंद के जीवन को सहारा दिया है।
दरअसल जरूरतमंद डा.मनीष पचौरी को एबी नेगेटिव रक्त की आवश्यकता थी। दुर्लभ रक्त समूह होने के कारण परिजनों को रक्त की व्यवस्था करने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। इसी बीच इसकी सूचना एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक ह्यूमन राइट्स (एडीएचआर) तक पहुंची। संगठन के प्रयासों से एबी नेगेटिव रक्तदाता प्रमुख समाजसेवी श्याम सुंदर शर्मा (बंटी भईया)से संपर्क किया गया और उन्होंने आगे आकर रक्तदान किया।
एडीएचआर के राष्ट्रीय महासचिव प्रवीन वार्ष्णेय ने बताया कि एबी नेगेटिव रक्त समूह बेहद दुर्लभ रक्त समूहों में शामिल है। ऐसे रक्तदाताओं की उपलब्धता सीमित होने के कारण जरूरत के समय रक्त की व्यवस्था करना चुनौतीपूर्ण हो जाता है। उन्होंने बताया कि श्याम सुंदर शर्मा बंटी भेैया एबी नेगेटिव रक्तदाता हैं और जरूरत पड़ने पर ही रक्तदान कर लोगों के जीवन की रक्षा में अपना योगदान देते हैं।उन्होंने कहा है कि श्याम सुंदर शर्मा बंटी भैया जैसे रक्तदाता समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उनका प्रत्येक रक्तदान किसी जरूरतमंद के लिए जीवन की उम्मीद बन सकता है।












