भगवान कभी नहीं करता भेद -शरण देव : श्री शिवमहापुराण कथा का हुआ समापन


सिकंदराराऊ। कासगंज रोड स्थित ममता फार्म हाउस पर चल रही भव्य श्रीशिव महापुराण कथा ज्ञान यज्ञ के नौवे दिन गुरुवार को कथा व्यास सतगुरु शरण देव जी महाराज ने भगवान नंदी के आगमन, ऋषियों के समस्त पाशों अर्थात सांसारिक बंधनों को काटने तथा दिव्य ज्ञानयोग के उपदेश का विस्तार से वर्णन किया।
कथा व्यास ने शिवपुराण की महिमा बताते हुए कहा कि शिवपुराण भगवान शिव की भक्ति, ज्ञान, वैराग्य और मोक्ष का मार्ग प्रशस्त करने वाला दिव्य ग्रंथ है। इसके श्रवण एवं मनन से मनुष्य को जीवन के वास्तविक उद्देश्य का बोध होता है। उन्होंने कहा कि ज्ञान, धर्म, भक्ति का मूल है। पांच दान यश, मान, कीर्ति, नम्रता, सरल सत्य स्वयं परमात्मा है। कलयुग, कलयुग नहीं है बल्कि करयुग है। अर्थात जैसी करनी वैसी भरनी। जो तन देखता है, शरीर देखता है वह सक्षम नहीं है। सक्षम वहीं है जो मन को देखता है, भाव को देखता है। संसार में सब कुछ सपना है, नींद में जो देखा वो भी सपना है। यह सब असत्य है, सत्य स्वयं राम है। परहित करो, सभी को जाग्रत करो, सम्मान करो, भजन करो, हॅंसते रहो, मस्त रहो, मुस्कराते रहो। भगवान कभी भेद नहीं करता।

जीव मात्र एक ऐसा प्राणी है जो भेद करता है। इसके साथ ही कथा को विश्राम दिया गया। इस दौरान हर हर महादेव ,बम बम भोले के जयघोषों से कथा पंडाल गुंजायमान हो गया। कथा में आयोजक रामकिशन दीक्षित, पंकज दीक्षित, आकाश दीक्षित, मनोज दीक्षित, राकेश शर्मा, अरुण दीक्षित,विवेक दुबे, प्रशांत शर्मा, रिंकू शर्मा, दुर्वेश पचौरी, सत्यप्रकाश उपाध्याय, मोहित बघेल, राधेश्याम राजपूत, पुरुषोत्तम शर्मा, सतीश शर्मा, ओमकार सिंह चौहान, शिवम दीक्षित, राजुल भारद्वाज, कुलदीप पचौरी, भोला माहेश्वरी, शांति, पवन उपाध्याय,हृदेश चौहान, रानू पंडित, अरविंद भारद्वाज, विशाल राज चौहान आदि मौजूद रहे।

Dainik Lalsa
Author: Dainik Lalsa

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