सिकंदराराऊ। दिल्ली में जंतर मंतर पर रिजर्वेशन रिफॉर्म (आरक्षण सुधार) के लिए चल रहे बड़े आंदोलन में शामिल होने जा रहे राष्ट्रीय विप्र एकता मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष मित्रेश चतुर्वेदी को पुलिस प्रशासन द्वारा सोमवार को उनके आवास पर हाउस अरेस्ट किया गया है। राष्ट्रीय अध्यक्ष के आवास के बाहर पुलिस बल तैनात कर उनकी आवाजाही पर पूर्णरूप रोक लगा दी गई। राष्ट्रीय विप्र एकता मंच और सहयोगी संगठनों ने सरकार और प्रशासन की इस कार्रवाई को अलोकतांत्रिक बताते हुए कड़ा विरोध जताया है । यूजीसी के नए कानून को सवर्णों के खिलाफ बताते हुए संगठन ने इसे ‘काला कानून’ करार दिया तथा किसी भी कीमत पर बर्दाश्त न करने की चेतावनी दी है। यूजीसी और आरक्षण नीति पर दोबारा विचार करने की मांग उठाई।देश भर में सवर्ण समाज के अधिकारों, न्याय और रिजर्वेशन रिफॉर्म के लिए चलाए जा रहे राष्ट्रव्यापी आंदोलन को दबाने के प्रशासन के प्रयासों की कड़ी निंदा करते हुए विप्र एकता मंच ने गहरा रोष प्रकट किया है।
इस दमनकारी कार्रवाई पर कड़ा रुख अपनाते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष मित्रेश चतुर्वेदी ने कहा, “प्रशासन पुलिस की लाठियों और नजरबंदी के दम पर हमारी लोकतांत्रिक आवाज़ को नहीं दबा सकता। देश भर में रिजर्वेशन रिफॉर्म के लिए आंदोलन चलाया जा रहा है, जिससे घबराकर यह कार्रवाई की गई है। इसके साथ ही यूजीसी का नया कानून सवर्णों के खिलाफ है और इस काले कानून को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वर्तमान समय में यूजीसी के नियमों और आरक्षण नीति पर दोबारा से गहराई से सोचना बहुत ही आवश्यक हो गया है।









