निर्माण लागत में उछाल के कारण बढ़ सकते हैं आगामी दिनों में मिठाइयों के दाम
(अनूप शर्मा)

सिकंदराराऊ। त्यौहारों से पूर्व चीनी और गुड़ की कीमतों में आई भारी तेजी ने आम आदमी का घरेलू और रसोई का बजट बुरी तरह से गणित बिगाड़ दिया है।बीते दो से तीन हफ्तों के भीतर चीनी के दाम 44 रुपये प्रति किलो से उछलकर सीधे 65 रुपये प्रति किलो एवं गुड़ के 60 रुपए प्रति किलो से बढ़कर 80 रुपए के स्तर पर पहुंच गए हैं। मिठास महंगी होने के कारण हलवाई कारोबार पर बड़ा आर्थिक दबाव बना दिया है। रक्षाबंधन और आगामी त्यौहारों के दौरान मिठाइयों की मांग सबसे अधिक होती है। चीनी और दूध के दामों में एक साथ हुई इस वृद्धि से मावा, छेना और पारंपरिक मिठाइयों की उत्पादन लागत काफी बढ़ गई है। निर्माण लागत में उछाल के कारण आगामी दिनों में बाजार में मिठाइयों के भाव तेज होना तय है । जिसका सीधा असर आम खरीदार की जेब पर पड़ेगा। गृहणियों का कहना है कि रोजमर्रा की जरूरी चीजों के दाम इस तरह बढ़ने से त्यौहारों का उत्साह फीका पड़ रहा है। घर का मासिक बजट और आतिथ्य सत्कार का खर्च संभालना अब मुश्किल हो गया है। उनका कहना है कि सरकार को चीनी की इन बेतहाशा बढ़ती कीमतों पर तत्काल हस्तक्षेप कर लगाम लगानी चाहिए।









