सब्जियों की आवक हुई कम, गरीब की थाली से दूर हुई सब्जी
(अनूप शर्मा)
सिकंदराराऊ। बरसात से फसल काफी प्रभावित हो रही है। जिससे मंडी में सब्जी की आवक कम हो गई है । इससे फुटकर बाजार में सब्जियों के दामों में तीन गुना की वृद्धि हुई है। सब्जियों के बढ़ते दामों ने आम आदमी की रसोई का बजट बिगाड़ दिया है। सब्जियों के दामों में लगातार हो रही वृद्धि से आम आदमी खासा परेशान है ।
क्षेत्र में रोज रुक रुक कर हो बरसात के चलते खेतो में पानी भर गया है। इससे सब्जियों की फसल को भारी नुकसान हुआ है। मंडी में सब्जियों की आवक आधे से भी कम हो गई है। जिससे सब्जियों के दाम सातवे आसमान पर पहुंच गए है। सब्जियों के दामों में हुई वृद्धि का खासा असर आम आदमी के बजट पर पड़ा है। सब्जियों के बढ़ते दामों ने आम आदमी के बजट को बिगाड़ दिया है। फुटकर बाजार में 15 दिन पूर्व सब्जियों के भाव इस प्रकार थे ।तोरई 20 , भिंडी 30 , लौकी 20, हरी मिर्च 60 , हरा धनिया 100, टमाटर 30 , बैगन 20 रूपए प्रतिकिलो के भाव थे ।
अब, भिंडी 50, तोरई 40, लौकी 30, हरी मिर्च 80 , हरा धनिया 150, बैगन 40, टमाटर 70 रूपए प्रतिकिलो का भाव है। सब्जियों के थोक विक्रेता मोहम्मद रफीक का कहना है कि सब्जियों की आवक कम होने के कारण सब्जियों के दाम सातवें आसमान पर पहुंच गए है। फुटकर बाजार में सब्जियों के भाव थोक बाजार से भी अधिक है। जिससे गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों के लिए सब्जियों का सेवन करना मुश्किल हो गया है । बढ़ी हुई कीमतें गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई है । क्योंकि वे अब अपनी दैनिक जरूरतो को पूरा करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं । कई परिवार अब अपनी भोजन की आदतों में बदलाव करने के लिए मजबूर हो गए हैं । कम सब्जियों का सेवन कर रहे हैं या सस्ती विकल्पों की तलाश कर रहे हैं । सब्जी विक्रेताओं का कहना है की बढ़ी हुई कीमतों के कारण उनकी बिक्री भी कम हो गई है । जिससे उनके व्यापार पर भी खासा असर पड़ रहा है ।









