हाथरस-28 जुलाई। एसओजी टीम, एंटी थेफ्ट टीम एवं थाना सहपऊ पुलिस की संयुक्त कार्यवाही में सराहनीय सफलता प्राप्त करते हुए थाना सहपऊ क्षेत्रान्तर्गत हनुमान टीला बाबा हत्याकांड, डाकघर चोरी एवं कैनरा बैंक सेंधमारी की तीनों संगीन घटनाओं का सफल खुलासा करते हुए 2 आरोपियों को गिरफ्तार एवं 1 बाल अपचारी को हिरासत में लिया गया है। आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त आलाकत्ल (सरिया व ईंट) तथा चोरी की गई स्वैप मशीन के पार्ट्स बरामद किए गए हैं। ब्लाइंड मर्डर की गुत्थी सुलझ गई है। एक ही गैंग ने हत्या, डाकघर चोरी एवं बैंक सेंधमारी जैसी तीन बड़ी घटनाओं को अंजाम दिया था। लगातार तकनीकी विश्लेषण, लगभग 400 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की पड़ताल, यक्ष ऐप, ग्राउंड इंटेलिजेंस एवं वैज्ञानिक विवेचना के आधार पर पुलिस को बड़ी सफलता मिली हैं।

उक्त घटनाओं का आज पुलिस कार्यालय पर खुलासा करते हुए पुलिस कप्तान चिरंजीव नाथ सिन्हा ने बताया कि प्रबल कुमार पुत्र स्व. वीरेन्द्र सिंह शर्मा निवासी नगला सुखराम थाना सहपऊ द्वारा सूचना दी गई कि उनका छोटा भाई दिलीप कुमार उर्फ चन्दो लाला विगत लगभग सात माह से हनुमान टीला मंदिर पर रहकर सेवा-पूजा करता था। 7/8 जून की रात्रि अज्ञात व्यक्तियों द्वारा सिर पर ईंट, पत्थर एवं अन्य हथियारों से प्रहार कर उसकी हत्या कर दी गई। दूसरी घटना की गत 20 जुलाई को उप डाकपाल विनोद कुमार बघेल द्वारा सूचना दी गई कि डाकघर सहपऊ में अज्ञात चोर अलमारी से एसबीआई पेमेंट स्वैप मशीन चोरी कर ले गए हैं। तीसरी घटना गत 23 जुलाई को शाखा प्रबंधक कैनरा बैंक सहपऊ द्वारा सूचना दी गई कि बैंक भवन की दीवार तोड़कर अज्ञात व्यक्तियों ने बैंक में प्रवेश किया तथा चोरी के उद्देश्य से बैंक परिसर में तोड़फोड़ की गई।
इन तीनों घटनाओं की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक चिरंजीव नाथ सिन्हा द्वारा स्वयं प्रकरण की लगातार मॉनिटरिंग करते हुए अपर पुलिस अधीक्षक रामानन्द कुशवाहा के निर्देशन एवं क्षेत्राधिकारी सादाबाद के पर्यवेक्षण में कुल 5 विशेष पुलिस टीमों का गठन किया गया। इनमें एसओजी, एंटी थेफ्ट टीम, सर्विलांस टीम, थाना सहपऊ पुलिस एवं तकनीकी विश्लेषण टीम को सम्मिलित कर प्रत्येक टीम को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गईं। घटना के खुलासा हेतु पुलिस अधीक्षक द्वारा प्रतिदिन समीक्षा बैठकें कर टीमों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए तथा जांच के दौरान पुलिस टीमों द्वारा लगभग 400 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज का सूक्ष्म परीक्षण किया गया। कस्बा सहपऊ, मुख्य मार्गों, बाजारों, बैंक, डाकघर, मंदिर, विद्यालयों, सार्वजनिक एवं निजी प्रतिष्ठानों सहित आसपास के क्षेत्रों में लगे कैमरों की हजारों मिनट की रिकॉर्डिंग का फ्रेम-टू-फ्रेम विश्लेषण किया गया।
पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों द्वारा पूछताछ के दौरान जुर्म स्वीकार करते हुए बताया गया कि तीनों आपस में घनिष्ठ मित्र हैं तथा अक्सर साथ रहते एवं शराब का सेवन करते थे। बाल अपचारी कम्प्यूटर का कार्य करता है। शाम के समय करन एवं बाल अपचारी हनुमान टीला मंदिर के पास स्थित पार्क में बैठते थे। इसी दौरान उन्हें जानकारी हुई कि हनुमान टीला मंदिर पर 12 जून से श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन होना है तथा श्रद्धालुओं द्वारा कथा के लिए चंदा एकत्र किया जा रहा है। भागवत कथा के पम्पलेट देखकर उन्हें विश्वास हो गया कि मंदिर में पर्याप्त धनराशि होगी। इसी लालच में उन्होंने चोरी की योजना बनाई। 7/8 जून की रात्रि करन एवं बाल अपचारी सरिया लेकर मंदिर पहुँचे। दोनों ने सोते समय बाबा दिलीप कुमार उर्फ चन्दो बाबा के तकिये के नीचे रखी चाबी निकालने का प्रयास किया, किन्तु बाबा जाग गए और दोनों को पहचान लिया। पहचान उजागर होने के भय से आरोपियों ने सरिया एवं ईंट से बाबा के सिर पर ताबड़तोड़ प्रहार कर उनकी हत्या कर दी। घटना के बाद उन्होंने बाबा की जेब की तलाशी ली, किन्तु रुपये नहीं मिले। जल्दबाजी में आधार कार्ड उठा ले गए, जिसे बाद में झाड़ियों में फेंक दिया। हत्या में प्रयुक्त सरिया एवं ईंट भी मंदिर के पीछे झाड़ियों में छिपा दी गई थी। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि हत्या के बाद भी आर्थिक लाभ न मिलने पर उन्होंने पुनः चोरी करने की योजना बनाई। रात्रि में तीनों आरोपी डाकघर सहपऊ पहुँचे तथा जंगला तोड़कर भीतर प्रवेश किया। नकदी न मिलने पर उन्होंने एसबीआई की स्वैप मशीन चोरी कर ली। बाद में मशीन से पैसे निकालने का प्रयास किया, किन्तु असफल रहने पर मशीन को तोड़ दिया तथा उसके कुछ पार्ट्स अपने पास रख लिए और शेष मशीन को पुल के नीचे खजूर के पेड़ के पास फेंक दिया। इसके उपरांत 22/23 जुलाई की रात्रि तीनों ने कैनरा बैंक सहपऊ में सेंधमारी की योजना बनाई। जनता इंटर कॉलेज के पीछे स्थित खण्डहर वाले रास्ते से विद्यालय की छत पर चढ़कर बैंक की दीवार सब्बल से तोड़ी गई। मुंह पर कपड़ा बांधकर दो आरोपी बैंक के भीतर घुसे, जबकि तीसरा बाहर निगरानी करता रहा। बैंक के भीतर सभी रैक, केबिन एवं अन्य स्थानों की तलाशी लेने के बावजूद कोई नकदी अथवा मूल्यवान वस्तु हाथ नहीं लगी। लगभग बीस मिनट बाद तीनों घटनास्थल से फरार हो गए तथा प्रयुक्त सब्बल को विद्यालय के पीछे खण्डहर में फेंक दिया।
गिरफ्तार आरोपियों में करन कुमार पुत्र अजय मेहरा निवासी मोहल्ला पुरानी बस्ती जाटवपुरी, कस्बा सहपऊ व सनी उर्फ धांसू पुत्र रामगोपाल निवासी मोहल्ला जाटवपुरी नई बस्ती कस्बा एंव 1 बाल अपचारी शामिल है।
गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम में प्रभारी एसओजी धीरज गौतम मय एसओजी टीम, प्रभारी एंटी थेफ्ट निरीक्षक सुरेन्द्र सिंह मय टीम, थानाध्यक्ष सहपऊ मयंक चैधरी मय थाना पुलिस टीम, वरिष्ठ उपनिरीक्षक अब्दुल हाशिम थाना सहपऊ शामिल थे।









