भव्य दिव्य-विशाल आध्यात्मिक चेतना यात्रा से जनमानस को किया जागृत

संत राजिन्दर सिंह जी महाराज के प्रवचनों प्रेम, शांति व सद्भाव का दिया संदेश: एसडीएम सदर का अभिनंदन

हाथरस। सावन कृपाल रूहानी मिशन की शाखा गौशाला रोड़ द्वारा सातवीं बार शहर में भव्य दिव्य एंव विशाल आध्यात्मिक चेतना यात्रा निकाली गयी। विशाल आध्यात्मिक चेतना यात्रा में साध संगत की भारी भीड़ ने सहभागिता की और जयघोष किए गए। वहीं चेतना यात्रा का शहर भर में दर्जनों स्थानों पर जोरदार स्वागत व सम्मान किया गया और पुष्प वर्षा भी की गई।। सावन कृपाल रूहानी मिशन की शाखा गौशाला रोड़ द्वारा सातवीं बार शहर में आयोजित भव्य दिव्य एंव विशाल आध्यात्मिक चेतना यात्रा का शुभारंभ सदर तहसील के उप जिलाधिकारी राजबहादुर सिंह एवं शाखा के अध्यक्ष व प्रमुख समाजसेवी निरंजनलाल अग्रवाल द्वारा संयुक्त रूप से मिशन के प्रमुख व विश्व आध्यात्मिक सतगुरु संत राजिंदर सिंह जी महाराज के चित्र के सम्मुख दीप प्रज्वलित कर व पुष्प अर्पित कर किया गया। साथ ही साथ उप जिलाधिकारी व शाखा के अध्यक्ष निरंजनलाल अग्रवाल द्वारा शांति के प्रतीक सफेद कबूतर व गुब्बारे उड़ाकर चेतना यात्रा का शुभारंभ किया गया।


विशाल आध्यात्मिक चेतना यात्रा के अवसर पर शाखा के अध्यक्ष निरंजन अग्रवाल द्वारा उप जिलाधिकारी राजबहादुर सिंह का पटका पहनाकर व प्रतीक चिन्ह भेंट कर स्वागत व सम्मान किया गया। इस मौके पर विशाल आध्यात्मिक चेतना यात्रा में जहां साध संगत ने भारी संख्या में सहभागिता की, वही साध संगत हाथों में गुरु महाराज जी के संदेशों की तख्क्तियां लेकर चल रहे थे, जिससे यात्रा पूरी तरह से भक्तिमय व ज्ञानवर्धक संदेश देने वाली यात्रा बन गई।


यात्रा का प्रमुख उद्देश्य आमजन मानस को अध्यात्म जीवन के वास्तविक मूल्यों के प्रति प्रेरित करना व समस्त मानव जाति को आपस में मिलजुलकर प्रेम व सद्भाव पूर्वक एक दूसरे की सेवा करते हुए जीवन जीने की सीख देना रहा।इस चेतना यात्रा में देश के कोने-कोने से जैसे खुर्जा, बुलंदशहर, भरतपुर ,आगरा, शमशाबाद, मथुरा, बसेरी चाहर, वैलाना ,भरतपुर, अलीगढ़, वीर नगर, पिछोंती, बिलखोरा, जहांगीराबाद, ताजपुर, जेवर, टप्पल, दिल्ली, दनकौर, सिकंदराबाद आदि प्रमुख शहरों से आयी हजारों की संख्या में भाई बहनों ने हिस्सा लिया।
चेतना यात्रा का मुख्य आकर्षण संत राजिंदर सिंह जी महाराज का फूलों से सजा बहुत ही आकर्षक व मनमोहक डोला व साथ ही साथ लाइनों में चल रहीं हाथों में आध्यात्मिक प्रेम व शांति के संदेश लिखी हुई तख़्तियाँ माताएं बहनें थीं।
इस विशाल यात्रा को दिव्यता व भव्यता से सफल बनाने में हाथरस शाखा के साथ साथ मिशन की विभिन्न शाखाओं की प्रबंध समितिओं के सदस्यों व सैकड़ों की संख्या में मिशन के कर्मठ व जुझारू सेवादारों का अत्यंत अमूल्य सहयोग रहा।

Dainik Lalsa
Author: Dainik Lalsa

Leave a Comment