हाथरस। समाजवादी पार्टी के पूर्व विधानसभा प्रत्याशी एवं प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य रामनारायण काके ने आज जारी बयान में कहा है कि नीट पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर किए जा रहे विरोध प्रदर्शन की आवाज को दबाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया है कि उनकी बात न सुने जाने पर 21 जुलाई से उन्हें नजरबंद कर रखा गया है।
सपा नेता रामनारायण काके ने कहा कि समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की गिरफ्तारी के बाद पुलिस प्रशासन सक्रिय हो गया और हाथरस सहित विभिन्न स्थानों पर पार्टी के पूर्व विधायकों व संगठन के पदाधिकारियों को नजरबंद किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार विपक्ष की आवाज से घबराई हुई है तथा लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन किया जा रहा है।उन्होंने कहा कि छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है, विरोध करने वालों पर झूठे मुकदमे लगाए जा रहे हैं और दिल्ली में प्रदर्शनकारियों पर पुलिस द्वारा लाठीचार्ज किया गया। उनका आरोप है कि लोकतंत्र की आवाज को दबाने के लिए लोगों को घरों में कैद किया जा रहा है।
सपा नेता ने प्रशासन से नजरबंद किए गए नेताओं की नजरबंदी तत्काल समाप्त करने की मांग की और कहा कि पार्टी इस मुद्दे पर अपना विरोध जारी रखेगी।इस दौरान पूर्व जिला प्रवक्ता अनिल कुमार वार्ष्णेय, पूर्व शहर अध्यक्ष हेमंत गौड़, पूर्व शहर अध्यक्ष ताराचंद कुशवाहा, इसाक शाह तथा कोषाध्यक्ष रामकुमार उर्फ गुड्डा शर्मा उपस्थित थे।









