फर्जी दस्तावेज से नौकरी मामले में कोर्ट ने दिये रिपोर्ट दर्ज के आदेश

हाथरस-19 जनवरी। समाज कल्याण विभाग में फर्जी दस्तावेजों के सहारे सरकारी नौकरी हासिल करने का मामला में अब कानूनी कार्यवाही शुरू हो गई है। न्यायालय के निर्देश पर पुलिस ने जीजा-साले के खिलाफ धोखाधड़ी समेत संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच के आदेश दिये है।
थाना हाथरस गेट क्षेत्र निवासी नीरज उपाध्याय की शिकायत में आरोप लगाया गया है कि साकेत कॉलोनी निवासी कोमल किशोर को समाज कल्याण विभाग में जूनियर क्लर्क के पद पर फर्जी तरीके से नियुक्त कराया गया। इसमें उनके जीजा रामेश्वर दयाल उपाध्याय, जो पूर्व में सीओ पद पर तैनात रह चुके हैं, की भूमिका संदिग्ध बताई गई है।शिकायत में आरोप है कि कोमल किशोर की वास्तविक जन्मतिथि में कूटरचना कर शैक्षिक प्रमाण पत्रों में बदलाव कराया गया। वर्ष 1958 के स्थान पर जन्म वर्ष 1961 दर्शाते हुए फर्जी हाईस्कूल प्रमाण पत्र तैयार कराया गया, जिसके आधार पर विभाग में नियुक्ति हासिल की गई। आरोप है कि इस पूरे प्रकरण में पद का दुरुपयोग कर सरकारी नियमों को ताक पर रखा गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए समाज कल्याण आयुक्त इलाहाबाद के निर्देश पर गठित जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट किया कि संबंधित व्यक्ति उक्त पद के लिए निर्धारित योग्यता को पूरा नहीं करता था। इसके बावजूद विभागीय स्तर पर न तो दस्तावेजों का समुचित सत्यापन किया गया और न ही समय रहते कोई ठोस कार्यवाही की गई।शिकायतकर्ता का यह भी आरोप है कि लंबे समय तक पुलिस स्तर पर सुनवाई न होने के कारण उसे न्यायालय का दरवाजा खटखटाना पड़ा। न्यायालय ने प्रस्तुत अभिलेखों के आधार पर प्रथम दृष्टया संज्ञेय अपराध मानते हुए पुलिस को मुकदमा दर्ज कर विधिक जांच करने के निर्देश दिए हैं।

Dainik Lalsa
Author: Dainik Lalsa

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