हाथरस। थाना साइबर क्राइम पुलिस टीम द्वारा सराहनीय कार्य करते हुए सोशल मीडिया ( इंस्टाग्राम, फेसबुक आदि) पर ऑनलाइन ट्रेडिंग करने हेतु प्रचार प्रसार कर लोगो को पैसो का लालच देकर खाता खुलवाकर विभिन्न राज्यो से फ्रॉड करके अपने खातो में पैसे डलवाकर लोगो के साथ ठगी / फ्रॉड करने वाले गैंग के म्यूल अकाउंटों का पर्दाफाश करते हुये गैंग के 4 शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है।थाना साइबर क्राइम द्वारा बैंक खातों, मोबाइल नंबरों, ई-मेल आईडी, जीएसटी पंजीकरण, डिजिटल ट्रांजेक्शन एवं तकनीकी साक्ष्यों का सूक्ष्म विश्लेषण करते हुए धनराशि की लेयरिंग का सफलतापूर्वक पर्दाफाश किया गया है। विवेचना के दौरान प्राप्त डिजिटल साक्ष्यों एवं बैंकिंग ट्रेल के आधार पर गैंग के सदस्यों की पहचान सुनिश्चित कर उन्हें गिरफ्तार किया गया है।
उक्त गैंग का आज पर्दाफाश करते हुए पुलिस कार्यालय पर आयोजित प्रेस वार्ता में पुलिस कप्तान चिरंजीव नाथ सिन्हा ने बताया कि ऑपरेशन वज्र के तहत एनसीआरपी पोर्टल के माध्यम से प्राप्त शिकायतों की जांच की गयी तो संज्ञान में आया कि म्यूल अकाउंट खाता बैंक ऑफ महाराष्ट्रा के खाते में विभिन्न राज्य (तमिलनाडु, बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, तेलांगना आदि) से पैसा आना पाया गया है । जिसका विवरण में तमिलनाडु से 2,85,97,770/- रुपये का फ्राड हुआ था । जिला कमिश्नरेट गाजियाबाद के थाना साइबर क्राइम की शिकायत में 1,27,62,626/- रुपये का फ्राड हुआ था । बिहार जिला मोतिहारी के थाना पिपरा में 17,60,000/- रुपये का फ्राड हुआ था । मध्य प्रदेश जिला खण्डवा के कोतवाली खण्डवा में कुल 16,89,006/- रुपये का फ्राड हुआ था सहित कई राज्यों में किए गए फ्रॉड़ों के आधार पर उपरोक्त एनसीआरपी पोर्टल पर हुई 7 शिकायत में कुल सात करोड, चालीस लाख, इकसठ हजार , दौ सौ तैंतीस रुपये का फ्राड हुआ है।पुलिस कप्तान ने बताया कि उक्त फ्रॉड के सम्बन्ध में थाना साईबर क्राइम पर खाताधारक बैक ऑफ महाराष्ट्रा सत्यवीर सिंह के विरुद्ध सुसंगत धाराओ में अभियोग पंजीकृत किया गया ।
उक्त घटना के सम्बन्ध में पुलिस अधीक्षक द्वारा घटना का खुलासा कर खातो में आने जाने वाले पैसो की ट्रैल निकालकर घटना में शामिल आरोपियो की गिरफ्तारी हेतु प्रभारी निरीक्षक थाना साईबर क्राइम को निर्देशित किया गया था । जिसके क्रम में थाना साईबर क्राइम टीम द्वारा विवेचनात्मक कार्यवाही के दौरान टेक्निकल साक्ष्य, विभिन्न खातो की ट्रैल आदि की जानकारी की गयी तो पता चला कि उक्त म्यूल अकाउंट बैंक ऑफ महाराष्ट्रा जगदम्बा इन्टरप्राइजेज सत्यवीर सिंह पुत्र हरीप्रसाद निवासी छीतीपुर थाना हसायन का पाया गया तथा उक्त खाते में विभिन्न राज्यो से भिन्न भिन्न एनसीआरपी शिकायतो में पैसा आना पाया गया है । उपरोक्त खाता में भिन्न भिन्न राज्यो में हुए साइबर फ्राड की धनराशि आयी है, जो इस बात का प्रमाण है कि उपरोक्त खाता म्यूल खाते के रूप में पाया गया है ।
प्रेस वार्ता में पुलिस कप्तान ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी व घटना के मास्टरमांइडों में से एक मनीष पुत्र भोलाशंकर निवासी पोरा थाना सिकन्द्राराऊ ने पूछताछ पर बताया कि वह लोगो को पैसो का लालच देकर बैंक खाते खुलवाकर दीपू पुण्ड़ीर व प्रदीप पुण्डीर को उपलब्ध कराता था, जिसके लिये उसे प्रत्येक चालू खाता के बदले 2 लाख रुपये मिलते थे । आरोपी मनीष द्वारा सत्यवीर पुत्र हरीप्रसाद निवासी छीतीपुर थाना हसायन का बैंक खाता महाराष्ट्रा बैंक शाखा हाथरस में खुलवाया गया, जिसके लिये खाताधारक सत्यवीर को कुल 20,000 दिये गये थे। करेंट खाता खुलवाने के लिये हमने ग्राम इटरनी में एक जगदम्बा एंटरप्राइजेज नाम से एक फर्जी फर्म बनायी व उसका पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन किया व जीएसटी नम्बर लिया और बाद में उसी करेंट खाते की लिमिट भी बढवायी । खाता खुलवाने बैंक ऑफ महाराष्ट्र शाखा हाथरस में व दीपू खाताधारक सत्यवीर के साथ आये थे । खाता खुलवाने के लिये 50 हजार रुपये दीपू ने मुझे दिये थे। उक्त खाते में 2 मोबाइल नम्बर भी रजिस्टर्ड कराये गये, जिसमें एक मोबाइल नम्बर शौकीन व दूसरा नम्बर मनीष मेरे भतीजे अर्जुन द्वारा प्रयोग किया जाता था । अर्जुन को भी मैने खाते में नम्बर लगवाने के लिये 20 हजार रुपये दिये थे । खातो में प्रयोग हेतु एक फर्जी ई-मेल को भी रजिस्टर्ड कराया गया, जो कि आकाश पुत्र लालाराम निवासी इटरनी थाना हसायन द्वारा अपने मोबाइल नम्बर से रजिस्टर्ड की गई थी। इस एवज में दीपू ने आकाश को पैसे दिये थे, जो भी मोबाइल नम्बर खातो में प्रयोग किये जाते थे, प्रत्येक मोबाइल नम्बर धारक को उनके मोबाइल नम्बर प्रयोग करने के लिये 20 हजार रुपये दिये जाते थे ।।
प्रेस वार्ता में पुलिस कप्तान ने बताया कि मनीष ने अपनी पूछताछ में अन्य इसी तरह के अन्य म्यूल खाते खुलवाने के बारे में भी बताया है, जिसकी जाँच की जा रही है । मनीष को प्रत्येक खाता खुलवाने के 2 लाख रुपये प्रदीप व दीपू देते थे । आरोपियों का यह एक संगठित गैंग है जो सतत आर्थिक साइबर अपराध करते है। इस संगठित गैंग के शेष बचे सभी सदस्यों की तलाश की जा रही है, साथ ही इस बात की भी जानकारी की जा रही है इस गैंग के ऊपर भी कोई बडा साइबर अपराधी तो नही है ।
गिरफ्तार आरोपियों ने पुलिस को अपने नाम सत्यवीर सिंह पुत्र हरीप्रसाद निवासी ग्राम छीतीपुर थाना हसायन, अर्जुन सिंह पुत्र देवकी व मनीष गौतम पुत्र भोलाशंकर निवासीगण पोरा थाना सिकन्द्राराऊ, आकाश कुमार पुत्र लालाराम निवासी इटरनी गढोला हसायन बताये हैं।
गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम में निरीक्षक आशीष कुमार सिंह साइबर क्राइम, उपनिरीक्षक सचिन चौधरी, उपनिरीक्षक नवीन कुमार, हे.का.हरेन्द्र मलिक, हे.का. शहादत अली, हे.का.सुरेन्द्र सिंह , का. ललित कुमार सिंह, का. अंकित कुमार , का.अमित वैदवान, का. कार्तिक सिंह , का.राजीव कुमार, का. मोहित चौधरी, का. हर्षित चौधरी, म.का.शिल्पी , म.का. मोन्टी शामिल थे।









