हसायन। क्षेत्रवासियों के लिए एक महत्वपूर्ण एवं सकारात्मक खबर है। पूर्वोत्तर रेलवे इज्जतनगर मंडल द्वारा रति का नगला स्थित रेलवे समपार संख्या 288 पर रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी ) अथवा लिमिटेड हाइट सबवे (एलएचएस) के निर्माण की व्यवहार्यता (फिजीबिलिटी) का परीक्षण कराने का निर्णय लिया गया है।
मंडल रेल प्रबंधक इज्जतनगर द्वारा जारी पत्र के अनुसार पुष्पेन्द्र वीर प्रताप सिंह एडवोकेट सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया द्वारा उठाए गए जनहित के मुद्दे पर संज्ञान लेते हुए रेलवे प्रशासन ने समपार संख्या 288 पर आरओबी / एलएचएस निर्माण की व्यवहार्यता का सर्वे कराने का निर्णय लिया है। व्यवहार्यता रिपोर्ट प्राप्त होने के उपरांत नियमानुसार आगे की आवश्यक कार्यवाही की जाएगी।
यदि यह परियोजना व्यवहार्य पाई जाती है, तो रति का नगला हसायन एवं आसपास के क्षेत्रों के हजारों लोगों को रेलवे फाटक पर लगने वाले जाम से राहत मिलेगी। साथ ही आवागमन अधिक सुरक्षित, सुगम एवं तेज होगा, जिससे क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास को भी नई गति मिलेगी।
क्षेत्रवासियों ने रेलवे प्रशासन के इस निर्णय का स्वागत करते हुए आशा व्यक्त की है कि सर्वेक्षण शीघ्र पूरा कर आवश्यक स्वीकृतियों के बाद निर्माण कार्य प्रारंभ करने की दिशा में प्रभावी कदम उठाए जाएंगे।









