देखि सुदामा की दीन दशा करुणा करिके करुणानिधि रोए

सुदामा चरित्र कथा सुन श्रोता हुए भावुक

सिकंदराराऊ । कस्बा के मोहल्ला गौसगंज स्थित गौरी शंकर हिन्दू इंटर कॉलेज के प्राचीन शिव मंदिर पर चल रही सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के सातवें दिन रविवार को कथा व्यास सुनील चेतन ने सुदामा चरित्र, परीक्षित मोक्ष आदि प्रसंगों का सुंदर वर्णन किया। उन्होंने कहा कि मित्रता कैसे निभाई जाए यह भगवान श्रीकृष्ण व सुदामा जी से समझा जा सकता है। सुदामा अपनी पत्नी के आग्रह पर अपने मित्र कृष्ण से मिलने के लिए द्वारिका पहुंचे। सुदामा ने द्वारिकाधीश के महल का पता पूछा और महल की ओर बढ़ने लगे लेकिन द्वार पर द्वारपालों ने सुदामा को भिक्षा मांगने वाला समझकर रोक दिया। तब उन्होंने कहा कि वह कृष्ण के मित्र हैं, इसपर द्वारपाल महल में गए और प्रभु से कहा कि कोई उनसे मिलने आया है।

अपना नाम सुदामा बता रहा है। जैसे ही द्वारपाल के मुख से प्रभु ने सुदामा का नाम सुना सुदामा सुदामा कहते हुए प्रभु तेजी से द्वार की तरफ दौड़े चले आए। सामने सुदामा सखा को देखकर प्रभु ने सुदामा को अपने सीने से लगा लिया। देखि सुदामा की दीन दशा करुणा करिके करुणानिधि रोए । सुदामा ने भी कन्हैया कन्हैया कहकर उन्हें गले लगाया। दोनों की ऐसी मित्रता देखकर सभा में बैठे सभी लोग अचंभित हो गए। कृष्ण सुदामा को अपने राज सिंहासन पर बैठाया। उन्हें कुबेर का धन देकर मालामाल कर दिया। जब भी भक्तों पर विपदा आई है। प्रभु उनका तारण करने अवश्य आए हैं। अगले प्रसंग में शुकदेव जी ने राजा परीक्षित को सात दिन तक श्रीमदभागवत कथा सुनाई। जिससे उनके हृदय से मृत्यु का भय निकल गया । तक्षक नाग आता है और राजा परीक्षित को डस लेता है। राजा परीक्षित कथा का श्रवण करने के कारण भगवान के परमधाम को पहुंचते हैं। इसी के साथ ही व्यास पूजन कर कथा का विराम हो गया । कथा को सुनकर श्रद्धालु भाव विभोर हो गए । भगवान श्रीकृष्ण के जयघोषों से वातावरण सराबोर हो गया । कथा में परीक्षित राजवीर सिंह यादव, यज्ञपति राजेश गुप्ता,राजेंद्र यादव, डॉ सुनील यादव, काले यादव, दीपक यादव, शिवा यादव, नरेश यादव , अजय यादव, राजपाल सिंह यादव,विनोद कुमार आदि मौजूद रहे।

Dainik Lalsa
Author: Dainik Lalsa

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