रामलीला में सुमन्त वापसी और राजा दशरथ के मर्मस्पर्शी विलाप ने नम किए आंखें, उमड़े श्रद्धालु

कस्बे के श्री रामलीला मैदान में मानस कला मंच के बैनर तले और श्री हरि गोपाल गुप्ता के निर्देशन में चल रहे भव्य श्री रामलीला महोत्सव में रविवार को मंचित लीलाओं ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। मंच पर सुमन्त वापसी, राजा दशरथ द्वारा श्रवण कुमार के श्राप का स्मरण कर वृत्तांत सुनाना तथा दशरथ मरण की लीलाओं का इतना मार्मिक और जीवंत मंचन किया गया कि पांडाल में मौजूद हर दर्शक की आंखें नम हो गईं।
रविवार की देर शाम श्री रामलीला के दौरान दिखाया गया कि किस प्रकार पुत्र वियोग में तड़प रहे राजा दशरथ को अपने पूर्व किए गए कर्म (श्रवण कुमार वध) और ऋषि के श्राप का स्मरण हो आता है। रानी कौशल्या व सुमन्त के समक्ष राजा दशरथ द्वारा अपने प्राण त्यागने और राम-लक्ष्मण-सीता के वन गमन के बाद के मर्मस्पर्शी दृश्यों को कलाकारों ने अपनी उत्कृष्ट अभिनय कला से जीवंत कर दिया। इस भावुक मंचन को देखकर दर्शक दीर्घा में बैठे श्रद्धालु पूरी तरह से राममय हो गए। इस अवसर पर मुख्य रूप से प्रकाश चंद शर्मा, डॉ. लोकेश शर्मा, लीलाधर शर्मा, विनोद कुमार जैन, जयप्रकाश माहेश्वरी, प्रदीप गुप्ता, अनिल गुप्ता, प्रशांत, रामनिवास शर्मा, विमल शर्मा, धीरू गांधी, सतीश चंद्र गुप्ता, सुनील कुमार वार्ष्णेय, गोपाल वार्ष्णेय, बृजेश शर्मा, प्रमोद गर्ग, अरविंद कातिब समेत बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।

sunil sharma
Author: sunil sharma

REPORTER SASNI

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