सादाबाद। कोतवाली क्षेत्र के मौहल्ला कहारन में बीती रात्रि को एक मकान में अचानक लगी भीषण आग में एक दंपति जिंदा जल गए और उनकी मौत हो गई।घर में लगी भीषण आग में सोते हुए पति-पत्नी की जिंदा जलकर मौत हो जाने से पूरे कस्बा में भारी हड़कंप एवं अफरा तफरी मच गई और घटना की सूचना पाकर मौके पर फायर ब्रिगेड, पुलिस प्रशासन एवं एसडीआरएफ की टीमें पहुंच गई।लेकिन तब तक पति-पत्नी की मौत हो गई।
बताते हैं कस्बा के मौहल्ला कहारन निवासी 70 वर्षीय शहजाद का दो मंजिला मकान है। उन्होंने डेढ़ साल पहले करीब 65 वर्षीय सलमा बेगम से दूसरी शादी की थी।पहली पत्नी हसीना की ढाई साल पहले बीमारी के चलते मौत हो गई थी। उनसे उनके चार बेटे सानू, सलमान, सद्दन और सब्बू हैं। सभी की शादी हो चुकी है। छोटा बेटा सब्बू पत्नी-बच्चों के साथ पिता शहजाद के साथ रहता था। बाकी बेटे परिवार के साथ बाहर रहते हैं।सब्बू और सलमान फेरी लगाते हैं, जबकि सानू सिलाई-कढ़ाई का काम करता है। वहीं, सद्दन आर्टिफिशियल पायल का काम करता है।
बताते हैं बीती रात्रि को करीब 2 बजे मकान से आग की ऊंची लपटें और धुआं उठता देख पड़ोसियों को हादसे का पता चला। उन्होंने घटना की सूचना पुलिस को दी।माना जा रहा है घर में आग शॉर्ट सर्किट से लगने की आशंका जताई जा रही है। परिवार सिलाई का काम करता है और त्योहार के चलते मकान में काफी माल रखा था। जिससे आग तेजी से फैली और कुछ ही मिनटों में पूरे मकान को चपेट में ले लिया।घर के अंदर मिले पति-पत्नी के शव इतनी बुरी तरह जल चुके थे कि पहचान करना मुश्किल था। आग की चपेट में आकर शहजाद (71 वर्ष), उनकी पत्नी सलमा बेगम (65 वर्ष) की मौत हो गई । परिवार के अन्य बाकी लोग शादी में शामिल होने बाहर गए थे।पड़ोसियों ने बताया कि सब्बू बुधवार को फेरी लगाने मथुरा गया था। इसके बाद वह ससुराल आगरा चला गया। वहां किसी की शादी थी। पत्नी-बच्चे पहले से ही आगरा में थे।

पुलिस के मुताबिक दो मंजिला मकान में पति-पत्नी नीचे के हिस्से में सोते थे। ऊपर की मंजिल पर छोटा बेटा परिवार के साथ रहता था। बुधवार को बेटा घर पर नहीं था, इसलिए पति-पत्नी पहली मंजिल पर सो रहे थे।रात में दोनों ने खाना खाया और सोने चले गए। रात 2 बजे मकान में आग लग गई। त्योहार का सीजन होने के कारण घर में सिलाई के लिए नए कपड़ों का काफी स्टॉक रखा था। इस वजह से आग तेजी से फैली।
आग की भयावहता को देखते हुए एसडीआरएफ (स्टेट डिजास्टर रिलीफ फोर्स) को भी मौके पर बुलाया गया। एसडीआरएफ अधिकारी रजत कुमार ने बताया कि उनकी टीम की ड्यूटी वृंदावन में थी। सादाबाद में मकान में आग लगने की सूचना मिलते ही वह जवानों के साथ मौके पर पहुंचे और बचाव कार्य शुरू कराया।
हादसे की सूचना मिलने पर पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमों ने मौके पर पहुंचकर आग बुझाने और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। वहीं, एसडीआरएफ की टीम भी घटनास्थल पर पहुंच गई और बचाव अभियान में जुट गई। टीमों को करीब 2 घंटे की कडी मशक्कत करनी पड़ी।पुलिस ने मृतकों के शवों को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम हेतु भिजवाया है।।
घटना को लेकर सीएचसी के डॉ. नीरज वर्मा ने बताया कि दोनों शव 50 प्रतिशत से ज्यादा जल चुके थे। शुरुआती जांच में धुएं से दम घुटने से मौत की बात सामने आयी है। शरीर के कई हिस्से बुरी तरह जले हुए थे













